नई दिल्ली: राष्ट्रगीत वंदे मातरम को लेकर बीजेपी और कांग्रेस के बीच राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। कांग्रेस ने साफ किया है कि पार्टी के कार्यक्रमों में वंदे मातरम के सिर्फ दो पैरा ही गाए जाएंगे। कांग्रेस का कहना है कि सरकारी कार्यक्रमों में लागू नियमों का पालन किया जाएगा, लेकिन पार्टी के अपने कार्यक्रमों में वही दो पैरा गाए जाएंगे, जिन्हें लंबे समय से परंपरा के तौर पर गाया जाता रहा है। बीजेपी ने कांग्रेस के इस फैसले को निशाने पर लेते हुए आरोप लगाया है कि पार्टी एक बार फिर करीब 90 साल पुरानी गलती दोहरा रही है।
यह विवाद उस समय और बढ़ गया जब कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के गोवा कार्यक्रम में वंदे मातरम के छह पैरा में से सिर्फ दो पैरा गाए गए। इसके बाद बीजेपी ने कांग्रेस पर सवाल उठाते हुए कहा कि राष्ट्रगीत को लेकर कांग्रेस का रवैया स्पष्ट नहीं है।
कांग्रेस ने दो पैरा गाने का किया ऐलान
कांग्रेस नेता बीके हरिप्रसाद ने कहा कि सरकारी कार्यक्रमों में सरकार की ओर से तय नियमों का पालन किया जाएगा और वहां वंदे मातरम के पूरे निर्धारित संस्करण को गाया जाएगा। हालांकि, कांग्रेस पार्टी के कार्यक्रमों में राष्ट्रगीत के सिर्फ दो स्टैंजा यानी पैरा ही गाए जाएंगे।
कांग्रेस नेताओं का तर्क है कि स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान भी वंदे मातरम की शुरुआती पंक्तियों का व्यापक रूप से इस्तेमाल किया जाता था। पार्टी का कहना है कि वह इस परंपरा को अपने राजनीतिक कार्यक्रमों में जारी रखेगी।
बीजेपी ने कांग्रेस पर साधा निशाना
कांग्रेस के इस ऐलान के बाद बीजेपी ने उस पर तीखा हमला बोला है। बीजेपी का आरोप है कि कांग्रेस राष्ट्रगीत के मुद्दे पर फिर वही गलती दोहरा रही है, जिसे पार्टी ने दशकों पहले किया था। बीजेपी नेताओं ने कांग्रेस के फैसले को राष्ट्रगीत के प्रति उसके रवैये से जोड़ते हुए सवाल उठाए हैं।
बीजेपी की ओर से यह भी कहा गया कि जब देश में वंदे मातरम को लेकर सम्मान और एकता की भावना है, तब कांग्रेस का केवल दो पैरा गाने का फैसला राजनीतिक रूप से सवाल खड़े करता है।
खरगे बोले- बीजेपी से देशभक्ति सीखने की जरूरत नहीं
गोवा में कांग्रेस के कार्यक्रम के दौरान वंदे मातरम के दो पैरा गाए गए। इसके बाद मल्लिकार्जुन खरगे ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस को बीजेपी से देशभक्ति सीखने की जरूरत नहीं है। उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान कांग्रेस के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि देश के कई स्वतंत्रता सेनानियों ने वंदे मातरम के शुरुआती हिस्से का इस्तेमाल किया था।
खरगे ने सवाल उठाया कि अगर महात्मा गांधी, सरदार पटेल और अन्य स्वतंत्रता सेनानियों के समय वंदे मातरम के कुछ हिस्से गाए जाते थे, तो आज इसे लेकर कांग्रेस पर सवाल क्यों उठाए जा रहे हैं।
स्वतंत्रता दिवस पर भी हुआ विवाद
वंदे मातरम को लेकर यह विवाद स्वतंत्रता दिवस के आसपास भी देखने को मिला। लाल किले पर स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान पूरा वंदे मातरम गाए जाने की बात सामने आई। वहीं कांग्रेस कार्यालय में ध्वजारोहण कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रगीत को लेकर बीजेपी ने कांग्रेस पर निशाना साधा।
अब कांग्रेस के आधिकारिक तौर पर पार्टी कार्यक्रमों में केवल दो पैरा गाने के ऐलान के बाद यह मुद्दा और राजनीतिक रूप ले चुका है। एक तरफ कांग्रेस इसे अपनी परंपरा और राजनीतिक कार्यक्रमों की स्वतंत्रता से जोड़ रही है, तो दूसरी तरफ बीजेपी इसे राष्ट्रगीत के सम्मान से जोड़कर कांग्रेस पर हमला कर रही है। आने वाले दिनों में वंदे मातरम का मुद्दा संसद और राजनीतिक मंचों पर भी चर्चा का विषय बन सकता है।

