कर्नाटक के बीदर जिले में संदिग्ध आतंकी कनेक्शन से जुड़े मामले में पुलिस ने एक और व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान 24 वर्षीय विशाल कुमार मैत्रे के रूप में हुई है। वह बीदर जिले के भालकी तालुक के एनकूर गांव का रहने वाला बताया जा रहा है। पुलिस ने यह कार्रवाई खुफिया जानकारी के आधार पर की है। मामले में पुलिस ने गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम यानी UAPA की धाराओं के तहत केस दर्ज किया है।
जानकारी के मुताबिक, यह मामला भालकी के खटक चिंचोली थाना क्षेत्र से जुड़ा है। पुलिस को जांच के दौरान कथित तौर पर पाकिस्तान स्थित एक प्रतिबंधित नेटवर्क से जुड़े डिजिटल संपर्क और अन्य सामग्री के बारे में जानकारी मिली थी। इसके बाद संदिग्ध गतिविधियों की जांच शुरू की गई। पुलिस का कहना है कि मामले से जुड़े लोगों के संपर्क, डिजिटल उपकरण और अन्य संभावित साक्ष्यों की जांच की जा रही है।
FIR में कई लोगों के नाम
पुलिस द्वारा दर्ज की गई FIR में पाकिस्तान के रहने वाले शहजाद भट्टी, राणा हुसैन और नोमी खान के नाम शामिल होने की बात सामने आई है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश के मैनपुरी के एक व्यक्ति, मध्य प्रदेश के खरगोन से जुड़े एक व्यक्ति और बीदर के कुछ अज्ञात लोगों का भी उल्लेख किया गया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन लोगों के बीच किस तरह के संपर्क थे और कथित गतिविधियों में उनकी क्या भूमिका रही।
जांच एजेंसियों के लिए डिजिटल संपर्क इस मामले में अहम माने जा रहे हैं। आरोपी के मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि क्या किसी प्रतिबंधित संगठन या उसके सदस्यों के साथ नियमित संपर्क था और क्या किसी तरह की आपत्तिजनक या गैरकानूनी गतिविधि से जुड़ी सामग्री उपलब्ध थी।
UAPA की धाराओं में मामला दर्ज
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ UAPA की धारा 18, 20 और 39 के तहत मामला दर्ज किया है। इन धाराओं के तहत आतंकी गतिविधियों की साजिश, आतंकी संगठन से जुड़ाव और उससे संबंधित गतिविधियों में सहयोग जैसे आरोपों की जांच की जा सकती है। हालांकि, किसी आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज होना या गिरफ्तारी होना अपने आप में अपराध सिद्ध होने के बराबर नहीं है। मामले की अंतिम स्थिति जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगी।
यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब केंद्र सरकार ने सितंबर 2026 में शहजाद भट्टी नेटवर्क को UAPA के तहत आतंकवादी संगठन घोषित किया था। गृह मंत्रालय के अनुसार, इस नेटवर्क पर सीमा पार हथियार, विस्फोटक और मादक पदार्थों की तस्करी तथा युवाओं को आतंकवाद की ओर उकसाने जैसे आरोप हैं।
जांच का दायरा बढ़ा
बीदर मामले में पुलिस अब गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ के जरिए उसके कथित संपर्कों और गतिविधियों के बारे में जानकारी जुटा रही है। जांच के दौरान सामने आने वाले डिजिटल और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि मामले में नामजद अन्य लोगों की भूमिका क्या रही है।
फिलहाल जांच एजेंसियों का ध्यान आरोपी के संपर्कों, डिजिटल रिकॉर्ड और संभावित नेटवर्क की कड़ियों को समझने पर है। मामले में आगे और गिरफ्तारियां होती हैं या नहीं, यह जांच में सामने आने वाले तथ्यों पर निर्भर करेगा। पुलिस ने इस पूरे प्रकरण में सभी उपलब्ध साक्ष्यों को जुटाने और संबंधित लोगों से पूछताछ की प्रक्रिया जारी रखी है।

