Russia Ukraine Ceasefire: ट्रंप की पहल पर रूस-यूक्रेन के बीच 3 दिन का युद्धविराम, 1000-1000 कैदियों की अदला-बदली पर सहमति
वैश्विक कूटनीति में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है, जहां अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मध्यस्थता के बाद रूस और यूक्रेन ने अस्थायी युद्धविराम पर सहमति जताई है। इस समझौते को लंबे समय से जारी रूस-यूक्रेन युद्ध को खत्म करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
Donald Trump ने दावा किया है कि उनकी पहल पर दोनों देशों ने 9 से 11 मई तक तीन दिन के युद्धविराम और 1000-1000 युद्धबंदियों की अदला-बदली पर सहमति दी है। उन्होंने इसे युद्ध समाप्ति की “अंत की शुरुआत” बताया है।
3 दिन का अस्थायी युद्धविराम
ट्रंप के अनुसार यह सीजफायर 9 मई से 11 मई तक लागू रहेगा, जो रूस के “विक्ट्री डे” समारोह के दौरान प्रभावी होगा। इस दौरान दोनों देशों के बीच सभी प्रकार की सैन्य गतिविधियां रोक दी जाएंगी।
Volodymyr Zelenskyy और रूस के विदेश मामलों के सलाहकार यूरी उशाकोव ने भी इस समझौते की पुष्टि की है। वहीं, क्रेमलिन की ओर से भी इसे स्वीकार किए जाने की बात सामने आई है, हालांकि कुछ बयानों में इस पर विवादित प्रतिक्रियाएं भी देखने को मिली हैं।
ट्रंप का दावा: “शांति की दिशा में बड़ा कदम”
व्हाइट हाउस से रवाना होते समय ट्रंप ने कहा कि उन्होंने सीधे तौर पर दोनों नेताओं से युद्ध रोकने की अपील की थी। उनके अनुसार, रूस के राष्ट्रपति Vladimir Putin ने इस प्रस्ताव को स्वीकार किया और यूक्रेन ने भी तुरंत सहमति दे दी।
ट्रंप ने कहा, “कुछ दिनों के लिए लोग एक-दूसरे को नहीं मारेंगे, यह बेहद महत्वपूर्ण कदम है।” उन्होंने यह भी कहा कि यह समझौता फरवरी 2022 से जारी इस युद्ध को समाप्त करने की दिशा में अहम शुरुआत साबित हो सकता है।
1000-1000 युद्धबंदियों की अदला-बदली
समझौते के तहत दोनों देश 1000-1000 युद्धबंदियों की अदला-बदली करेंगे। इसे युद्ध में फंसे सैनिकों और नागरिकों की वापसी के लिए एक महत्वपूर्ण मानवीय कदम माना जा रहा है।
यूक्रेन की ओर से कहा गया कि यह फैसला खासकर युद्धबंदियों की रिहाई को ध्यान में रखकर लिया गया है। राष्ट्रपति जेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन के लिए अपने नागरिकों और सैनिकों की वापसी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
रूस-यूक्रेन युद्ध पर संभावित असर
विशेषज्ञों का मानना है कि यह अस्थायी सीजफायर भले ही सीमित अवधि के लिए हो, लेकिन यह आगे चलकर स्थायी शांति वार्ता की दिशा में रास्ता खोल सकता है। हालांकि, अतीत में भी ऐसे अस्थायी युद्धविराम हुए हैं, जो लंबे समय तक टिक नहीं पाए।
रेड स्क्वायर और राजनीतिक बयानबाजी
इस समझौते के दौरान एक दिलचस्प राजनीतिक घटनाक्रम भी सामने आया, जहां जेलेंस्की ने रूस के विक्ट्री डे परेड को लेकर प्रतीकात्मक बयान दिया। इस पर रूस ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्हें अपने समारोह के लिए किसी की अनुमति की आवश्यकता नहीं है।
क्रेमलिन प्रवक्ता ने यूक्रेनी बयान को “मजाक” करार दिया, जिससे दोनों देशों के बीच तनावपूर्ण बयानबाजी जारी रही।
निष्कर्ष
हालांकि यह युद्धविराम अस्थायी है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसे एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। अमेरिका की मध्यस्थता और ट्रंप की सक्रिय भूमिका ने इस समझौते को संभव बनाया, जिससे उम्मीद जताई जा रही है कि यह कदम भविष्य में स्थायी शांति की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।

