13 May 2026, Wed

राज्यपाल ने पूछा- “क्या 113 विधायकों के साथ चलेगी सरकार?”, थलापति विजय बोले- “फ्लोर टेस्ट को तैयार हूं”

तमिलनाडु की राजनीति इस समय बेहद दिलचस्प मोड़ पर पहुंच गई है। विधानसभा चुनावों के बाद सरकार गठन को लेकर जारी राजनीतिक खींचतान थमने का नाम नहीं ले रही। तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) के प्रमुख और सुपरस्टार थलापति विजय अब सत्ता के बेहद करीब दिखाई दे रहे हैं, लेकिन बहुमत का गणित उनके रास्ते की सबसे बड़ी चुनौती बन गया है। गुरुवार को राज्यपाल आर.वी. अर्लेकर ने विजय को लोक भवन बुलाकर सरकार गठन और स्थिरता को लेकर कई अहम सवाल पूछे, जिसके बाद राज्य की राजनीति और गरमा गई है।

सूत्रों के मुताबिक, राज्यपाल ने विजय से सीधे तौर पर पूछा कि 118 के जादुई आंकड़े के मुकाबले महज 113 विधायकों के समर्थन के साथ वह स्थिर सरकार कैसे चला पाएंगे। राज्यपाल ने उन सभी दलों और विधायकों की सूची भी मांगी, जो TVK को बिना शर्त समर्थन देने के लिए तैयार हैं। इस बैठक को तमिलनाडु की राजनीति में बेहद अहम माना जा रहा है क्योंकि इसी के बाद तय होगा कि विजय सरकार बनाने का दावा पेश कर पाएंगे या नहीं।

फ्लोर टेस्ट के लिए तैयार विजय

बैठक के दौरान विजय ने राज्यपाल को भरोसा दिलाया कि वह सदन में बहुमत साबित करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। उन्होंने साफ कहा कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत फ्लोर टेस्ट कराया जाए और उन्हें अपनी ताकत साबित करने का अवसर दिया जाए। सूत्रों की मानें तो TVK ने कानूनी तैयारी भी शुरू कर दी है ताकि यदि सरकार गठन का दावा खारिज होता है तो अदालत का दरवाजा खटखटाया जा सके।

कैसे बन रहा है बहुमत का समीकरण?

विधानसभा चुनावों में TVK ने 108 सीटों पर जीत दर्ज की है, लेकिन सरकार बनाने के लिए उसे कम से कम 118 विधायकों का समर्थन चाहिए। ऐसे में विजय लगातार अन्य दलों और निर्दलीय विधायकों के संपर्क में बताए जा रहे हैं।

कांग्रेस ने अपनी 5 सीटों के साथ समर्थन देने का संकेत दिया है, लेकिन उसने शर्त रखी है कि TVK किसी भी सांप्रदायिक ताकत यानी बीजेपी के साथ गठबंधन नहीं करेगी। इसके अलावा विजय की नजर CPI, CPM, VCK और PMK जैसे दलों पर भी है। यदि ये सभी दल समर्थन देते हैं, तो TVK आसानी से बहुमत का आंकड़ा पार कर सकती है।

हालांकि सबसे बड़ी मुश्किल यही है कि VCK फिलहाल DMK के साथ खड़ी है, जबकि PMK का झुकाव बीजेपी की तरफ माना जा रहा है। ऐसे में इन दलों को अपने पक्ष में लाना विजय के लिए आसान नहीं होगा।

AIADMK विधायकों को लेकर भी चर्चा

राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा भी तेज है कि AIADMK के कुछ विधायक विजय को समर्थन देने के लिए तैयार हैं। खबरों के मुताबिक, करीब एक दर्जन विधायक पुडुचेरी के एक रिसॉर्ट में मौजूद हैं। हालांकि AIADMK नेतृत्व ने इन दावों को खारिज करते हुए किसी भी तरह के गठबंधन से इनकार किया है।

दिलचस्प बात यह है कि विजय भी AIADMK से दूरी बनाए रखना चाहते हैं क्योंकि पार्टी के बीजेपी के साथ पुराने संबंध रहे हैं। ऐसे में वह अपनी राजनीतिक छवि को लेकर काफी सतर्क नजर आ रहे हैं।

राष्ट्रपति शासन की भी चर्चा

अगर विजय बहुमत साबित करने में विफल रहते हैं, तो राज्यपाल के पास विधानसभा को निलंबित कर राष्ट्रपति शासन की सिफारिश करने का विकल्प भी मौजूद है। इससे तमिलनाडु में दोबारा चुनाव की संभावना पैदा हो सकती है।

फिलहाल TVK अपने सभी विधायकों को एकजुट रखने में जुटी हुई है। खबर है कि विजय ने अपने विधायकों को चेन्नई से बाहर महाबलिपुरम के एक रिसॉर्ट में ठहराया है ताकि किसी भी तरह की राजनीतिक सेंधमारी से बचा जा सके।

तमिलनाडु की राजनीति अब पूरी तरह बहुमत के गणित पर टिक गई है। आने वाले कुछ दिन तय करेंगे कि थलापति विजय पहली बार मुख्यमंत्री की कुर्सी तक पहुंच पाएंगे या राज्य में राजनीतिक संकट और गहराएगा।

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