4 Aug 2026, Tue

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल का बड़ा एक्शन, अवैध हथियारों की सप्लाई करने वाले अंतरराज्यीय गैंग का भंडाफोड़, सरगना समेत 8 गिरफ्तार

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल (ईस्टर्न रेंज) ने एक बड़े ऑपरेशन में अंतरराज्यीय अवैध हथियार तस्करी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए उसके सरगना समेत आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 18 अवैध हथियार, 10 अतिरिक्त मैगजीन और कई जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। जांच एजेंसियों का मानना है कि यह गिरोह पिछले कई वर्षों से मध्य प्रदेश से हथियार लाकर दिल्ली-एनसीआर और उत्तर भारत के विभिन्न राज्यों में उनकी सप्लाई कर रहा था।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, गिरोह का नेटवर्क दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान और पंजाब तक फैला हुआ था। आरोपी अपनी पहचान छिपाने और ग्राहकों तक पहुंच बनाने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप्स का इस्तेमाल करते थे। इससे पुलिस की निगरानी से बचते हुए वे हथियारों की खरीद-फरोख्त का पूरा नेटवर्क संचालित कर रहे थे।

स्पेशल सेल को गुप्त सूचना मिली थी कि अवैध हथियारों की एक बड़ी खेप दिल्ली-एनसीआर में पहुंचाई जाने वाली है। सूचना के आधार पर पुलिस ने तकनीकी निगरानी और मुखबिर तंत्र की मदद से अभियान शुरू किया। कार्रवाई के दौरान सबसे पहले हरीश चंद्र को गिरफ्तार किया गया, जिसके कब्जे से आठ सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल और आठ मैगजीन बरामद हुईं।

पूछताछ में हरीश चंद्र ने कई अहम खुलासे किए। उसने बताया कि वह अपने भाई के साथ मिलकर मध्य प्रदेश से हथियार लाता था और गिरोह के सरगना शिशपाल सिंह उर्फ यश चौधरी के निर्देश पर उन्हें अलग-अलग राज्यों में ग्राहकों तक पहुंचाता था। इस जानकारी के आधार पर पुलिस ने सिलसिलेवार छापेमारी कर गिरोह के अन्य सदस्यों को भी गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तार आरोपियों में शिशपाल सिंह उर्फ यश चौधरी, प्रीतपाल सिंह, कुलदीप सागर, अगेश कुमार, नूर मोहम्मद उर्फ तस्लीम, मोहम्मद शान और विक्रम सिंह शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, शिशपाल सिंह पिछले करीब तीन वर्षों से इस अवैध कारोबार का संचालन कर रहा था और पूरे नेटवर्क का मुख्य संचालक था।

जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह फर्जी फेसबुक और इंस्टाग्राम प्रोफाइल, वर्चुअल मोबाइल नंबर और एन्क्रिप्टेड ऐप्स के जरिए ग्राहकों और सप्लायरों से संपर्क करता था। हथियारों की खेप को पहले सुरक्षित ठिकानों पर छिपाया जाता था और फिर मांग के अनुसार विभिन्न राज्यों में भेजा जाता था। भुगतान के लिए भी अलग-अलग तरीकों का इस्तेमाल किया जाता था, ताकि लेनदेन का रिकॉर्ड आसानी से न मिल सके।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 12 अवैध सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल, पांच देसी पिस्टल, एक रिवॉल्वर, 10 अतिरिक्त मैगजीन, 9 एमएम के पांच जिंदा कारतूस, एक अन्य जिंदा कारतूस और एक लोहे का हंसिया बरामद किया है। बरामद हथियारों की फोरेंसिक जांच कराई जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इनका इस्तेमाल किसी आपराधिक वारदात में हुआ है या नहीं।

दिल्ली पुलिस का कहना है कि इस कार्रवाई से राजधानी और आसपास के राज्यों में सक्रिय अवैध हथियार तस्करी नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है। फिलहाल सभी आरोपियों से पूछताछ जारी है और पुलिस इस गिरोह के अन्य सदस्यों, सप्लाई चेन तथा वित्तीय लेनदेन की भी जांच कर रही है। अधिकारियों के अनुसार, आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

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