10 Jun 2026, Wed

दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल आज फिर दिल्ली हाई कोर्ट में पेश होंगे, अदालत में रखेंगे अपना पक्ष

दिल्ली शराब नीति केस: Arvind Kejriwal आज हाई कोर्ट में रखेंगे पक्ष, हलफनामे को रिकॉर्ड में शामिल कराने पर जोर

नई दिल्ली: दिल्ली शराब नीति मामले में आम आदमी पार्टी के संयोजक और पूर्व मुख्यमंत्री Arvind Kejriwal आज एक बार फिर Delhi High Court में पेश होंगे। जानकारी के मुताबिक, दोपहर 2:30 बजे होने वाली सुनवाई में केजरीवाल अपने नए हलफनामे को रिकॉर्ड पर लेने की मांग को लेकर अदालत के सामने अपना पक्ष रखेंगे।

बताया जा रहा है कि हाल ही में दाखिल किए गए उनके हलफनामे को अभी तक अदालत के रिकॉर्ड में शामिल नहीं किया गया है। इसी मुद्दे को लेकर केजरीवाल खुद कोर्ट में जिरह करते नजर आएंगे। यह मामला दिल्ली की विवादित आबकारी (शराब) नीति से जुड़ा है, जो लंबे समय से राजनीतिक और कानूनी बहस का केंद्र बना हुआ है।

पहले भी खुद रख चुके हैं पक्ष

इससे पहले सोमवार को हुई सुनवाई के दौरान भी Arvind Kejriwal ने खुद अदालत में अपनी बात रखी थी। सुनवाई के दौरान उन्होंने न्यायाधीश Justice Swarnkanta Sharma से अपील की थी कि वे इस मामले की सुनवाई से खुद को अलग कर लें। हालांकि न्यायाधीश ने उनकी इस मांग को स्वीकार नहीं किया।

दिलचस्प बात यह रही कि सुनवाई के दौरान जस्टिस शर्मा ने केजरीवाल की दलीलों की सराहना करते हुए कहा कि वे एक अच्छे वकील बन सकते हैं। इस पर केजरीवाल ने जवाब दिया कि वे अपने वर्तमान पेशे से संतुष्ट हैं।

सोमवार को चली सुनवाई करीब चार घंटे तक चली थी और सभी पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।

वीडियो शेयर करने पर सख्ती

इस मामले से जुड़ा एक और विवाद तब सामने आया जब अदालत की कार्यवाही के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए। इस पर Delhi High Court ने कड़ा रुख अपनाते हुए Delhi Police को निर्देश दिया कि बिना अनुमति रिकॉर्ड किए गए वीडियो को तुरंत हटाया जाए।

कोर्ट प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि अदालत की कार्यवाही की रिकॉर्डिंग और उसका प्रसार करना नियमों का उल्लंघन है। साथ ही, उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की गई है जिन्होंने ऐसे वीडियो साझा किए।

कानूनी और राजनीतिक नजरें टिकीं

दिल्ली शराब नीति मामला पहले ही देश की राजनीति में बड़ा मुद्दा बन चुका है। ऐसे में Arvind Kejriwal की आज की पेशी और उनकी दलीलों पर सभी की नजरें टिकी हैं। यह देखना अहम होगा कि अदालत उनके हलफनामे को रिकॉर्ड में शामिल करती है या नहीं।

निष्कर्ष

कुल मिलाकर, यह मामला कानूनी प्रक्रिया के साथ-साथ राजनीतिक रूप से भी काफी संवेदनशील बना हुआ है। आज की सुनवाई से इस केस में आगे की दिशा तय हो सकती है और इससे जुड़े कई सवालों के जवाब भी मिल सकते हैं।

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