कटिहार में शर्मनाक घटना: 11-12 साल के दो मासूमों की जबरन शादी, कानून व्यवस्था पर उठे सवाल
बिहार के कटिहार जिले से मानवता को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। कुर्सेला थाना क्षेत्र के गोबराही दियारा गांव में कथित तौर पर ग्रामीणों ने 11-12 साल के दो नाबालिग बच्चों की जबरन शादी करवा दी।
जानकारी के अनुसार, यह घटना तब सामने आई जब गांव के लोगों ने दोनों बच्चों को कथित रूप से एक साथ देख लिया। इसके बाद मामला तूल पकड़ गया और भीड़ ने कानून को अपने हाथ में लेते हुए खुद ही “फैसला” सुना दिया।
बताया जा रहा है कि भीड़ ने न केवल दोनों बच्चों की जबरन शादी कराई, बल्कि एक और अमानवीय कृत्य करते हुए नाबालिग लड़के का आधा सिर भी मुंडवा दिया। इस पूरी घटना के दौरान गांव में तनाव का माहौल बन गया और किसी ने भी इस क्रूरता को रोकने की कोशिश नहीं की।
स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, लड़की के परिवार और कुछ ग्रामीणों के दबाव में यह विवाह कराया गया। इस घटना ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में व्याप्त सामाजिक रूढ़ियों और बाल विवाह जैसी कुप्रथाओं को उजागर कर दिया है।
जिस उम्र में बच्चे स्कूलों में पढ़ाई कर अपने भविष्य की नींव रखते हैं, उस उम्र में उन्हें इस तरह के सामाजिक दबाव और जबरन फैसलों का सामना करना पड़ा। यह घटना बाल अधिकारों और कानून दोनों के गंभीर उल्लंघन के रूप में देखी जा रही है।
कानून विशेषज्ञों के अनुसार, भारत में बाल विवाह निषेध अधिनियम के तहत नाबालिगों की शादी पूरी तरह गैरकानूनी है और इसमें शामिल लोगों पर सख्त कार्रवाई का प्रावधान है। इसके बावजूद इस तरह की घटनाएं सामने आना कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं।
घटना के बाद स्थानीय प्रशासन और पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं कि इतनी बड़ी घटना उनके संज्ञान में समय रहते क्यों नहीं आई।
फिलहाल, यह मामला सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है और लोग इस पर कड़ी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। कई लोग इसे “मानवता के खिलाफ अपराध” बता रहे हैं और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
यह घटना समाज को यह सोचने पर मजबूर करती है कि आखिर कब तक मासूम बच्चों को ऐसी कुप्रथाओं का शिकार बनाया जाता रहेगा और कब तक ऐसे मामलों पर सख्त रोक लग पाएगी।

