15 May 2026, Fri

भारत के इस शहर में मिलता है सबसे सस्ता पेट्रोल-डीजल, अन्य शहरों के मुकाबले दाम 10-15 रुपये कम!

भारत में सबसे सस्ता पेट्रोल-डीजल कहां मिलता है? कीमतों में बढ़ोतरी के बीच जानिए बड़ा फर्क

देशभर में एक बार फिर पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी ने आम जनता की जेब पर असर डाला है। शुक्रवार को तेल कंपनियों ने ईंधन के दामों में ₹3 प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी कर दी, जिसके बाद कई बड़े शहरों में पेट्रोल की कीमतें ₹110 के करीब पहुंचने लगी हैं। इस बीच लोगों के मन में यह सवाल उठ रहा है कि आखिर भारत में सबसे सस्ता पेट्रोल और डीजल कहां मिलता है।

लगातार बढ़ती कीमतों से बढ़ी चिंता

पश्चिम एशिया में तनाव और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के चलते पेट्रोल-डीजल महंगे होते जा रहे हैं। दिल्ली, मुंबई, भोपाल और जयपुर जैसे बड़े शहरों में ईंधन की कीमतें पहले से ही ऊंचे स्तर पर हैं और हालिया बढ़ोतरी ने स्थिति और चुनौतीपूर्ण बना दी है।

भारत में सबसे सस्ता पेट्रोल कहां मिलता है?

देश में सबसे सस्ता पेट्रोल और डीजल केंद्र शासित प्रदेश पोर्ट ब्लेयर (अंडमान और निकोबार द्वीप समूह) में मिलता है। यहां ईंधन की कीमतें देश के अन्य हिस्सों की तुलना में काफी कम हैं।

इसकी मुख्य वजह कम टैक्स संरचना और कम वैट (VAT) है। जबकि देश के कई राज्यों में पेट्रोल और डीजल पर अलग-अलग तरह के राज्य कर लगाए जाते हैं, वहीं पोर्ट ब्लेयर में टैक्स दरें अपेक्षाकृत कम रखी गई हैं।

कितनी है कीमतों में अंतर?

वर्तमान आंकड़ों के अनुसार पोर्ट ब्लेयर में पेट्रोल की कीमत करीब ₹84.99 प्रति लीटर है, जबकि डीजल लगभग ₹80.64 प्रति लीटर में उपलब्ध है। इसकी तुलना में मुंबई और बेंगलुरु जैसे शहरों में पेट्रोल की कीमतें ₹100 से ऊपर जा चुकी हैं। यानी यहां और अन्य बड़े शहरों के बीच 10 से 15 रुपये प्रति लीटर तक का अंतर देखा जा रहा है।

क्यों अलग-अलग होती हैं ईंधन की कीमतें?

भारत में पेट्रोल और डीजल की बेस कीमत लगभग समान होती है, लेकिन अंतिम कीमत राज्यवार टैक्स, वैट और ट्रांसपोर्ट खर्च के कारण बदल जाती है। जिन राज्यों में टैक्स ज्यादा होता है, वहां ईंधन महंगा हो जाता है, जबकि कम टैक्स वाले क्षेत्रों में कीमतें अपेक्षाकृत कम रहती हैं।

महंगे ईंधन का असर आम जनता पर

पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों का असर सिर्फ वाहन चालकों तक सीमित नहीं रहता। ट्रांसपोर्ट महंगा होने से सब्जियों, अनाज और रोजमर्रा की चीजों की कीमतें भी बढ़ जाती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें इसी तरह बढ़ती रहीं, तो आने वाले समय में महंगाई और अधिक बढ़ सकती है।

ऐसे में पोर्ट ब्लेयर जैसे क्षेत्रों में सस्ता ईंधन देश में टैक्स सिस्टम और कीमतों के अंतर को साफ तौर पर उजागर करता है।

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