वॉशिंगटन: अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। अमेरिकी जांच एजेंसियों ने दावा किया है कि पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बेटी इवांका ट्रंप की हत्या की साजिश रची जा रही थी। इस मामले में मोहम्मद बाकेर अल-सादी नामक एक संदिग्ध आतंकी को गिरफ्तार किया गया है, जिसके बारे में कहा जा रहा है कि उसके संबंध ईरान समर्थित संगठन और IRGC से जुड़े हुए हैं।
रिपोर्ट्स के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी इराक का नागरिक है और कथित रूप से कताइब हिजबुल्लाह नामक संगठन से जुड़ा हुआ है। अमेरिकी एजेंसियों का कहना है कि आरोपी के पास से फ्लोरिडा स्थित इवांका ट्रंप के घर का ब्लूप्रिंट और अन्य संवेदनशील जानकारियां बरामद हुई हैं। जांच एजेंसियों को आशंका है कि वह किसी बड़े हमले की तैयारी में था।
Ivanka Trump को निशाना बनाने की इस कथित साजिश को लेकर अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं। अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी ईरानी सैन्य कमांडर कासिम सुलेमानी की मौत का बदला लेना चाहता था। गौरतलब है कि साल 2020 में अमेरिकी ड्रोन हमले में सुलेमानी की मौत हुई थी, जिसके बाद से अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बना हुआ है।
अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मोहम्मद बाकेर अल-सादी लंबे समय से ट्रंप परिवार के खिलाफ बयान देता रहा था। जांच में यह भी सामने आया है कि वह लोगों से कहता था कि डोनाल्ड ट्रंप को उसी तरह दर्द महसूस कराया जाना चाहिए, जैसा ईरान समर्थकों ने सुलेमानी की मौत के बाद महसूस किया था।
सूत्रों के अनुसार, आरोपी ने फ्लोरिडा में इवांका ट्रंप को निशाना बनाने की योजना बनाई थी। सुरक्षा एजेंसियों को उसके पास से ऐसे दस्तावेज और नक्शे मिले हैं, जो किसी सुनियोजित हमले की ओर इशारा करते हैं। हालांकि, समय रहते उसे गिरफ्तार कर लिया गया, जिससे संभावित खतरे को टाल दिया गया।
बताया जा रहा है कि आरोपी को IRGC यानी इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स से जुड़ी गतिविधियों का प्रशिक्षण भी मिला था। अमेरिकी एजेंसियां अब इस पूरे नेटवर्क और संभावित सहयोगियों की जांच कर रही हैं।
Islamic Revolutionary Guard Corps का नाम सामने आने के बाद यह मामला और अधिक संवेदनशील हो गया है। अमेरिकी प्रशासन ने इस घटना को राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मुद्दा माना है।
इस मामले ने अमेरिका में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी चिंता बढ़ा दी है। ट्रंप परिवार की सुरक्षा पहले से ही कड़ी है, लेकिन इस खुलासे के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने अतिरिक्त सतर्कता बरतनी शुरू कर दी है।
हालांकि अमेरिकी सरकार की ओर से आधिकारिक रूप से सभी जानकारियां सार्वजनिक नहीं की गई हैं, लेकिन जांच एजेंसियां इस साजिश के पीछे संभावित अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क और संगठनों की भूमिका की गहराई से जांच कर रही हैं।
फिलहाल आरोपी से पूछताछ जारी है और अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या इस साजिश में और लोग भी शामिल थे। यह मामला ऐसे समय सामने आया है, जब अमेरिका और ईरान के रिश्ते पहले से ही बेहद तनावपूर्ण दौर से गुजर रहे हैं।

