भारतीय सीमेंट उद्योग में एक बड़ा कॉरपोरेट सौदा सामने आया है। डालमिया भारत ने कर्ज में डूबी जयप्रकाश एसोसिएट्स (जेपी ग्रुप) की सीमेंट परिसंपत्तियों का अधिग्रहण करने की घोषणा की है। यह सौदा लगभग 2,850 करोड़ रुपये के एंटरप्राइज वैल्यू पर तय किया गया है। कंपनी ने कहा है कि इस अधिग्रहण की प्रक्रिया अगले दो सप्ताह के भीतर पूरी होने की उम्मीद है।
इस अधिग्रहण के बाद Dalmia Bharat Limited की सीमेंट उत्पादन क्षमता में बड़ा इजाफा होगा। कंपनी की कुल उत्पादन क्षमता बढ़कर लगभग 5.47 करोड़ टन प्रति वर्ष तक पहुंच जाएगी, जिससे यह देश के प्रमुख सीमेंट उत्पादकों में अपनी स्थिति और मजबूत करेगी।
डालमिया भारत की पूर्ण स्वामित्व वाली इकाई Dalmia Cement (Bharat) Limited ने इस सौदे के लिए Jaiprakash Associates Limited के साथ व्यापार हस्तांतरण समझौता (Business Transfer Agreement) किया है। इस समझौते के तहत मध्य प्रदेश के रीवा और उत्तर प्रदेश के चुर्क, चुनार और सदवा स्थित सीमेंट प्लांटों का अधिग्रहण किया जाएगा।
इन परिसंपत्तियों की कुल सीमेंट उत्पादन क्षमता लगभग 52 लाख टन प्रति वर्ष है। इसके अलावा इस सौदे में 99 मेगावाट की ताप विद्युत क्षमता भी शामिल है, जो कंपनी के ऊर्जा संसाधनों को और मजबूत करेगी।
कंपनी ने बताया कि इस अधिग्रहण का वित्तपोषण ऋण और आंतरिक संसाधनों के मिश्रण से किया जाएगा। प्रबंधन का मानना है कि यह सौदा दीर्घकालिक रूप से कंपनी के उत्पादन विस्तार और बाजार हिस्सेदारी बढ़ाने में मदद करेगा।
उद्योग विशेषज्ञों के अनुसार, यह अधिग्रहण भारतीय सीमेंट सेक्टर में बढ़ती प्रतिस्पर्धा का संकेत है, जहां बड़ी कंपनियां अपनी क्षमता विस्तार के लिए रणनीतिक सौदे कर रही हैं।
गौरतलब है कि जेपी ग्रुप की प्रमुख कंपनी जयप्रकाश एसोसिएट्स को भारी कर्ज संकट के चलते कॉरपोरेट दिवाला समाधान प्रक्रिया (CIRP) में शामिल किया गया था। कंपनी पर करीब 57,185 करोड़ रुपये के कर्ज के कारण वित्तीय संकट गहरा गया था, जिसके बाद उसकी परिसंपत्तियों की बिक्री की प्रक्रिया शुरू हुई।
इससे पहले भी उद्योग जगत में बड़ा बदलाव देखने को मिला था, जब अडाणी समूह से जुड़ी कंपनियों ने जेपी ग्रुप की कुछ परिसंपत्तियों को दिवाला प्रक्रिया के तहत अधिग्रहित किया था।
डालमिया भारत का यह नया सौदा न केवल कंपनी की उत्पादन क्षमता बढ़ाएगा, बल्कि उत्तर और मध्य भारत के सीमेंट बाजार में उसकी पकड़ को भी मजबूत करेगा।
कंपनी ने भरोसा जताया है कि यह अधिग्रहण तय समय सीमा में पूरा कर लिया जाएगा और इसके बाद इंटीग्रेशन प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ाई जाएगी।

