21 Apr 2026, Tue

जौ या चना, कौन सा सत्तू खाना चाहिए? गर्मी में पेट के लिए क्या है बेहतर, जानिए

Sattu Benefits in Summer: जौ या चना सत्तू—गर्मी में कौन है ज्यादा फायदेमंद? जानिए सही विकल्प

गर्मी का मौसम शुरू होते ही खानपान में ठंडक देने वाली चीजों की मांग बढ़ जाती है। ऐसे में सत्तू एक पारंपरिक और बेहद पौष्टिक विकल्प के रूप में उभरकर सामने आता है। उत्तर भारत, खासकर बिहार और यूपी में सत्तू को “समर सुपरफूड” माना जाता है। लेकिन अक्सर लोगों के मन में यह सवाल रहता है कि चना सत्तू और जौ सत्तू में से कौन ज्यादा फायदेमंद है।

विशेषज्ञों के अनुसार, दोनों ही तरह के सत्तू पोषण से भरपूर होते हैं, लेकिन इनके फायदे अलग-अलग जरूरतों के हिसाब से बदलते हैं। जौ का सत्तू खासतौर पर उन लोगों के लिए बेहतर माना जाता है, जिन्हें पाचन संबंधी समस्याएं रहती हैं। इसकी तासीर ठंडी होती है, जो शरीर को अंदर से ठंडक पहुंचाने में मदद करती है। साथ ही यह कब्ज, हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज के मरीजों के लिए भी फायदेमंद माना जाता है। वजन घटाने वालों के लिए भी जौ सत्तू एक अच्छा विकल्प है, क्योंकि यह हल्का और आसानी से पचने वाला होता है।

वहीं, चना सत्तू प्रोटीन का बेहतरीन स्रोत है। जो लोग अपनी डाइट में प्रोटीन बढ़ाना चाहते हैं या मसल्स बनाना चाहते हैं, उनके लिए यह ज्यादा फायदेमंद साबित होता है। चने के सत्तू में मौजूद प्रोटीन और फाइबर लंबे समय तक पेट भरा रखते हैं, जिससे बार-बार भूख नहीं लगती। यही कारण है कि इसे वजन नियंत्रित करने में भी मददगार माना जाता है। इसके अलावा, यह इम्यूनिटी बढ़ाने और हड्डियों को मजबूत करने में भी सहायक होता है।

सत्तू को “देसी प्रोटीन पाउडर” भी कहा जाता है, क्योंकि यह शरीर में आसानी से पच जाता है और तुरंत ऊर्जा प्रदान करता है। इसमें फाइबर, आयरन और मैग्नीशियम जैसे जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं। गर्मियों में इसे पीने से डिहाइड्रेशन से बचाव होता है और शरीर में एनर्जी बनी रहती है।

सत्तू का सेवन कई तरीकों से किया जा सकता है। इसे पानी या दूध में घोलकर नमकीन या मीठा बनाकर पिया जा सकता है। नमकीन सत्तू में नींबू, काला नमक, भुना जीरा, प्याज और पुदीना मिलाकर स्वाद बढ़ाया जाता है। वहीं मीठा सत्तू बनाने के लिए इसमें चीनी या गुड़ मिलाया जा सकता है।

डॉक्टरों का मानना है कि सत्तू गर्मी में शरीर को ठंडा रखने के साथ-साथ पाचन तंत्र को भी दुरुस्त रखता है। यह लो-कैलोरी फूड है, जिससे वजन घटाने में मदद मिलती है और दिल की सेहत भी बेहतर रहती है। डायबिटीज के मरीजों के लिए नमकीन सत्तू खासतौर पर फायदेमंद माना जाता है, क्योंकि यह ब्लड शुगर को नियंत्रित रखने में मदद करता है।

कुल मिलाकर, अगर आपको पाचन या गर्मी से राहत चाहिए तो जौ सत्तू बेहतर है, जबकि प्रोटीन और ताकत के लिए चना सत्तू ज्यादा लाभकारी है। आप अपनी जरूरत और शरीर की स्थिति के अनुसार दोनों में से किसी एक या दोनों को अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं।

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