कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दिपके अपने दो साथियों सौरव दास और आशुतोष रांका को याद करते हुए भावुक हो गए। दोनों नेता फिलहाल दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद हैं। सोशल मीडिया पर लाइव आकर दिपके ने अपनी भावनाएं व्यक्त कीं और कहा कि उनकी आंखों में आंसू डर की वजह से नहीं, बल्कि अपने साथियों से दूर होने के कारण हैं। उन्होंने दोनों को अपना भाई बताते हुए कहा कि वह उन्हें बहुत याद कर रहे हैं।
साथियों को याद कर छलके आंसू
अभिजीत दिपके ने बताया कि वह सौरव दास और आशुतोष रांका के साथ एक खास रिश्ता साझा करते हैं। तीनों का एक व्हाट्सऐप ग्रुप है, जहां वे अक्सर एक-दूसरे को मीम्स भेजते थे और आपस में बातचीत करते थे। अब दोनों साथियों के जेल में होने से उन्हें उनकी कमी महसूस हो रही है।
दिपके ने कहा कि भावुक होना कमजोरी नहीं, बल्कि उनकी ताकत है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस स्थिति के बावजूद उनका हौसला कम नहीं हुआ है। उनके मुताबिक, सौरव और आशुतोष जब जेल से बाहर आएंगे, तो वे उसी मुस्कान के साथ आगे बढ़ेंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि मुश्किल परिस्थितियों में भी लोगों को अपने भीतर प्यार और करुणा बनाए रखनी चाहिए। उनके अनुसार, यदि डर के कारण लोग अपनी भावनाएं और मानवीय संवेदनाएं खो देते हैं, तो यह उन लोगों की जीत होगी जो उन्हें चुप कराना चाहते हैं।
प्रदर्शनकारियों से घर लौटने की अपील
लाइव संबोधन के दौरान दिपके ने प्रदर्शन कर रहे लोगों से अपने घर लौटने और परिवार का ध्यान रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि लोगों के भीतर नफरत नहीं, बल्कि प्यार बना रहना चाहिए। इसके लिए अपने परिवार के साथ समय बिताना भी जरूरी है।
उन्होंने महात्मा गांधी के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि जरूरत पड़ने पर उन लोगों के लिए भी आवाज उठानी चाहिए, जिन्हें हम व्यक्तिगत रूप से नहीं जानते। दिपके के अनुसार, उनका संघर्ष ऐसे लोगों के लिए भी है, जिनसे उनका कोई सीधा परिचय नहीं है।
उन्होंने भरोसा जताया कि उनके साथी जेल से बाहर आने के बाद भी मुस्कुराते हुए आगे बढ़ेंगे। दिपके ने कहा कि किसी भी परिस्थिति में उनके भीतर से प्रेम और करुणा की भावना समाप्त नहीं होनी चाहिए।
दोनों नेताओं की न्यायिक हिरासत बढ़ी
इस मामले में दिल्ली पुलिस ने सौरव दास और आशुतोष रांका की न्यायिक हिरासत दो दिन के लिए बढ़ा दी है। साथ ही, अनधिकृत प्रवेश से जुड़े मामले को पुलिस की अपराध शाखा को स्थानांतरित किया गया है।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, कनॉट प्लेस थाने में भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इनमें लोक सेवक के विधिवत आदेश की अवहेलना, अनधिकृत प्रवेश और आपराधिक साजिश से संबंधित आरोप शामिल हैं।
इसके अलावा, संसद मार्ग थाने में भी एक अन्य प्राथमिकी दर्ज की गई है। इसमें लोक सेवक के काम में बाधा डालने, चोट पहुंचाने, कर्तव्य निभाने से रोकने के लिए हमला या आपराधिक बल के इस्तेमाल और समान मंशा से जुड़े आरोप लगाए गए हैं।
प्यार और करुणा बनाए रखने का संदेश
अभिजीत दिपके ने अपने संबोधन में कहा कि भावनात्मक जुड़ाव को कमजोरी नहीं समझना चाहिए। उन्होंने दोहराया कि वह अपने साथियों के साथ खड़े हैं और कठिन समय में भी पीछे हटने का इरादा नहीं रखते।
फिलहाल सौरव दास और आशुतोष रांका की हिरासत बढ़ाए जाने के बाद मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है। वहीं, दिपके के भावुक संदेश में साथियों के प्रति अपनापन, परिवार की अहमियत और शांतिपूर्ण तरीके से अपने विचारों पर कायम रहने का संदेश प्रमुखता से सामने आया।

