बॉलीवुड के मशहूर गायक सोनू निगम ने कन्नड़ भाषा और वहां के लोगों से जुड़े अपने पुराने विवादित बयान पर माफी मांग ली है। उनके बयान को लेकर कर्नाटक में काफी नाराजगी देखने को मिली थी। अब गायक ने वीडियो संदेश जारी कर कर्नाटक के लोगों से खेद जताया है और कहा है कि वह उन्हें अपने परिवार की तरह मानते हैं। सोनू निगम की माफी के बाद कन्नड़ समर्थक संगठन कर्नाटक रक्षणा वेदिके ने अपना विरोध प्रदर्शन वापस लेने का ऐलान किया है।
सोनू निगम ने कहा- रिश्तों में कड़वाहट नहीं चाहता
सोनू निगम ने अपने वीडियो संदेश में कर्नाटक के लोगों के प्रति सम्मान और प्यार जताया। उन्होंने कहा कि राज्य के लोगों ने पिछले करीब 30 वर्षों से उन्हें भरपूर प्यार और सम्मान दिया है। वह इस रिश्ते को किसी भी गलतफहमी के कारण खराब नहीं होने देना चाहते।
गायक ने बताया कि उनकी संगठन के प्रदेश अध्यक्ष टीए नारायण गौड़ा से बातचीत हुई थी। यह बातचीत उनके अनुसार सौहार्दपूर्ण और सम्मानजनक रही। इस दौरान उन्हें अपनी बात स्पष्ट करने का अवसर मिला।
सोनू निगम ने कहा कि यदि उनकी किसी बात से अनजाने में लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं, तो उन्हें इसका अफसोस है। उन्होंने यह भी कहा कि जब किसी रिश्ते की अहमियत होती है, तो उसे बनाए रखने के लिए माफी मांगने में कोई बुराई नहीं है।
उनका कहना है कि वह कर्नाटक के लोगों के स्नेह की कद्र करते हैं और नहीं चाहते कि किसी विवाद की वजह से उनके बीच कड़वाहट पैदा हो। उन्होंने उम्मीद जताई कि उनकी माफी के बाद मामला शांत होगा और पहले की तरह प्यार और सम्मान बना रहेगा।
पहलगाम आतंकी हमले से जुड़ी टिप्पणी पर हुआ था विवाद
सोनू निगम की पुरानी टिप्पणी को लेकर कर्नाटक में नाराजगी पैदा हुई थी। कन्नड़ भाषा में गाने की मांग से जुड़े एक विवाद के दौरान उनकी टिप्पणी की तुलना पहलगाम आतंकी हमले से किए जाने पर लोगों ने आपत्ति जताई थी। इस बयान को कन्नड़ भाषी लोगों की भावनाओं से जोड़कर देखा गया और उनके खिलाफ विरोध की घोषणा की गई थी।
मामले ने उस समय काफी चर्चा बटोरी थी। अब सोनू निगम की ओर से माफी मांगने के बाद विवाद को समाप्त करने की दिशा में कदम उठाया गया है।
कर्नाटक रक्षणा वेदिके ने वापस लिया विरोध
सोनू निगम का माफीनामा साझा करते हुए संगठन के प्रदेश अध्यक्ष टीए नारायण गौड़ा ने कहा कि गायक ने बातचीत के दौरान स्वीकार किया कि उनकी टिप्पणी से कन्नड़ लोगों की भावनाएं आहत हुई थीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि संगठन की सोनू निगम से कोई व्यक्तिगत दुश्मनी नहीं है।
नारायण गौड़ा के मुताबिक, कर्नाटक के लोग लंबे समय से सोनू निगम के गानों को पसंद करते आए हैं। संगठन ने उनकी टिप्पणी के विरोध में प्रदर्शन करने का फैसला लिया था, लेकिन माफी के बाद अब विरोध को समाप्त करने का निर्णय लिया गया है।
कन्नड़ संगीत में योगदान की भी हुई चर्चा
इस पूरे मामले के दौरान कन्नड़ संगीत जगत में दूसरे भाषाई पृष्ठभूमि के गायकों के योगदान का भी उल्लेख किया गया। घंटसाला, पीबी श्रीनिवास, केजे येसुदास, एस. जानकी, वाणी जयराम और केएस चित्रा जैसे कलाकारों का उदाहरण देते हुए बताया गया कि भाषा की सीमाओं से परे संगीत लोगों को जोड़ता है।
संगठन ने उम्मीद जताई कि सोनू निगम भविष्य में भी कन्नड़ गाने गाएंगे और कर्नाटक में कार्यक्रम करेंगे। उनकी माफी के बाद अब विवाद खत्म होने और दोनों पक्षों के बीच संबंध सामान्य होने की उम्मीद जताई जा रही है।

