15 May 2026, Fri

अमेरिकी यात्रा के खर्चों को देख भारतीय महिला हैरान, कहा- ‘रुपये में कमाना और डॉलर में खर्चा तनावपूर्ण’

Viral Video: अमेरिका घूमने गई भारतीय महिला ने शेयर किया अनुभव, बोलीं- ‘रुपये में कमाना और डॉलर में खर्च करना बहुत तनावपूर्ण’

सोशल मीडिया पर इन दिनों एक भारतीय महिला का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने अमेरिका यात्रा के दौरान होने वाले भारी खर्चों को लेकर अपना अनुभव साझा किया है। वीडियो देखने के बाद इंटरनेट पर नई बहस शुरू हो गई है कि क्या भारतीयों के लिए विदेश यात्रा अब पहले से ज्यादा महंगी हो गई है।

यह वीडियो इंस्टाग्राम पर @yaakriti नाम के अकाउंट से शेयर किया गया है। वीडियो में आकृति पांडे नाम की महिला अमेरिका में घूमने के दौरान अपने खर्चों और मानसिक तनाव के बारे में बात करती नजर आ रही हैं। उन्होंने बताया कि भारतीय रुपये में कमाई करने वाले लोगों के लिए अमेरिका जैसी जगहों पर यात्रा करना काफी महंगा और तनावपूर्ण अनुभव हो सकता है।

“हर खर्च को रुपये में बदलना परेशान करता है”

वीडियो में आकृति कहती हैं कि जब भी वह अमेरिका में कोई खर्च करती थीं, तो उसे भारतीय रुपये में बदलकर देखने लगती थीं। इसी वजह से उन्हें हर छोटी चीज भी बेहद महंगी महसूस होने लगी।

उन्होंने बताया कि एक अमेरिकी डॉलर लगभग 93 से 95 रुपये के बराबर पड़ रहा था, जिसके कारण टैक्सी, खाना, कॉफी और होटल जैसे सामान्य खर्च भी काफी बड़े लग रहे थे।

आकृति ने कहा, “रुपये में कमाना और डॉलर में खर्च करना बहुत तनावपूर्ण है। हर बार कुछ खरीदते समय दिमाग में उसका भारतीय कीमत में हिसाब चलने लगता है।”

टैक्सी और होटल का खर्च बना चिंता की वजह

वीडियो में उन्होंने अमेरिका के ट्रांसपोर्ट सिस्टम पर भी बात की। आकृति के मुताबिक, कई जगहों पर सार्वजनिक परिवहन सुविधाएं सीमित हैं और देर रात पहुंचने पर टैक्सी का खर्च काफी ज्यादा हो जाता है।

उन्होंने बताया कि एक बार होटल पहुंचने के लिए उन्हें सिर्फ टैक्सी पर ही 67 डॉलर खर्च करने पड़े, जो भारतीय मुद्रा में करीब 6 हजार रुपये के आसपास बैठता है।

कॉफी और खाने की कीमतों पर भी जताई हैरानी

आकृति ने अमेरिका में खाने-पीने की कीमतों को लेकर भी आश्चर्य जताया। उन्होंने कहा कि एक साधारण कॉफी भी वहां 3 से 4 डॉलर में मिलती है, जबकि भारत में इसी रकम में अच्छी क्वालिटी की कॉफी बीन्स या बेहतर ड्रिंक मिल सकती है।

उन्होंने एक और उदाहरण देते हुए बताया कि वह और उनके साथी नाश्ते में डोसा खाना चाहते थे, लेकिन बे एरिया में तीन डोसे की कीमत 57 डॉलर थी, जो भारतीय रुपये में लगभग 5,300 रुपये के बराबर बैठती है।

सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कुछ यूजर्स ने आकृति की बातों से सहमति जताई और कहा कि विदेश यात्रा के दौरान भारतीय मुद्रा में खर्चों का हिसाब लगाना स्वाभाविक है।

वहीं कुछ लोगों का कहना है कि विदेश यात्रा करते समय स्थानीय मुद्रा के हिसाब से सोचना चाहिए और हर खर्च को रुपये में बदलना मानसिक दबाव बढ़ा सकता है।

“स्पॉन्सरशिप हो तो आसान लगती है विदेश यात्रा”

आकृति ने वीडियो में यह भी कहा कि अगर किसी की यात्रा कंपनी फंडिंग या स्पॉन्सरशिप के जरिए हो रही हो, तो अमेरिका घूमना काफी आसान लग सकता है। लेकिन खुद के पैसों से यात्रा करने पर खर्चों का दबाव लगातार महसूस होता है।

फिलहाल यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोग विदेश यात्रा, खर्चों और भारतीय मुद्रा की स्थिति को लेकर खुलकर चर्चा कर रहे हैं।

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