2 Sep 2026, Wed

‘हनुमान अंश’ की रिलीज से पहले प्रेमानंद महाराज से मिली थी टीम, कहानी-किरदार पर आध्यात्मिक गुरु ने कही थी बड़ी बात

धर्मगुरु बाबा नीम करोली के जीवन से प्रेरित फिल्म ‘हनुमान अंश’ इन दिनों बॉक्स ऑफिस पर चर्चा में है। फिल्म की कमाई ने रिलीज के बाद रफ्तार पकड़ी और अब यह दर्शकों का ध्यान खींच रही है। इस बीच फिल्म की प्रोड्यूसर अनुप्रिया नागर का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वह आध्यात्मिक गुरु प्रेमानंद महाराज से मुलाकात करती नजर आ रही हैं। बताया जा रहा है कि यह मुलाकात फिल्म की रिलीज से पहले हुई थी।

इस दौरान अनुप्रिया नागर ने प्रेमानंद महाराज से महापुरुष के जीवन पर फिल्म बनाने को लेकर मार्गदर्शन मांगा था। आध्यात्मिक गुरु ने उन्हें ऐसी फिल्मों को लेकर कई महत्वपूर्ण बातें बताईं और सावधानी बरतने की सलाह दी थी।

महापुरुषों के जीवन को पर्दे पर दिखाना बड़ी जिम्मेदारी

अनुप्रिया नागर ने प्रेमानंद महाराज से सवाल किया था कि क्या धार्मिक और आध्यात्मिक रास्ते पर चलते हुए फिल्म बनाई जा सकती है। इस पर उन्होंने समझाया कि किसी महान संत या आध्यात्मिक व्यक्ति के जीवन को पर्दे पर प्रस्तुत करना सामान्य कहानी बनाने जैसा नहीं है।

उन्होंने कहा कि ऐसे महापुरुषों का जीवन समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत होता है और उनके जीवन को फिल्म के माध्यम से दिखाना एक बड़ी जिम्मेदारी है। इसमें मनोरंजन या दुनियादारी के तत्वों को हावी नहीं होने देना चाहिए।

भक्ति और वैराग्य की भावना जरूरी

प्रेमानंद महाराज ने कहा कि आध्यात्मिक व्यक्तियों के जीवन को समझने और उसे पर्दे पर उतारने के लिए कलाकारों और फिल्म से जुड़े लोगों के मन में भक्ति, वैराग्य और ज्ञान की भावना होना जरूरी है।

उन्होंने बाबा नीम करोली का उदाहरण देते हुए कहा कि ऐसे महापुरुषों की वास्तविक आध्यात्मिक अवस्था को केवल बाहरी रूप से दोहराना संभव नहीं है। इसलिए फिल्म बनाते समय उनके जीवन और चरित्र को लेकर विशेष सावधानी रखनी चाहिए।

उनके मुताबिक, केवल दर्शकों को पसंद आने वाली चीजें दिखाने के लिए महापुरुष के जीवन में ऐसी बातें नहीं जोड़ी जानी चाहिए, जो वास्तविकता या उनके चरित्र से अलग हों।

फिल्म में कुछ भी गलत दिखाने से बचने की सलाह

प्रेमानंद महाराज ने मेकर्स को सलाह दी कि फिल्म में महापुरुष के जीवन से जुड़ी घटनाओं को प्रस्तुत करते समय पूरी जिम्मेदारी बरती जाए। उन्होंने कहा कि अगर किसी संत के जीवन को पर्दे पर दिखाया जा रहा है तो उसमें ऐसी चीज नहीं होनी चाहिए, जो उनके वास्तविक चरित्र के विपरीत हो।

उन्होंने यह भी कहा कि फिल्म देखने वाले लोग इसे किस तरह स्वीकार करेंगे, इससे ज्यादा जरूरी यह है कि निर्माता ने जिस जीवन और चरित्र का अध्ययन किया है, उसे ईमानदारी से प्रस्तुत किया जाए।

रिलीज के बाद चर्चा में है फिल्म

‘हनुमान अंश’ की कहानी बाबा नीम करोली के जीवन और उनकी आध्यात्मिक यात्रा से प्रेरित बताई जा रही है। फिल्म की शुरुआत धीमी रहने के बाद इसकी कमाई में तेजी देखने को मिली है। 26 दिनों में फिल्म के 63 करोड़ रुपये से अधिक कमाने का दावा किया गया है।

फिल्म की सफलता के बीच रिलीज से पहले हुई अनुप्रिया नागर और प्रेमानंद महाराज की मुलाकात भी चर्चा में आ गई है। इस मुलाकात में मिली सलाह अब फिल्म के संदर्भ में लोगों का ध्यान खींच रही है। खास तौर पर महापुरुषों के जीवन को पर्दे पर उतारने के दौरान आध्यात्मिकता, सत्यता और मर्यादा बनाए रखने की बात को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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