प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की राष्ट्रीय महासचिव अमरजीत कौर के एक बयान पर सियासी विवाद खड़ा हो गया है। दिल्ली में आयोजित एक रैली के दौरान दिए गए बयान को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने कड़ा विरोध जताया है। बीजेपी की ओर से अमरजीत कौर पर तीखा हमला करते हुए उनके बयान को आपत्तिजनक बताया गया और माफी मांगने की मांग की गई है। हालांकि, अमरजीत कौर ने अपने बयान पर पीछे हटने से इनकार कर दिया है।
PM मोदी के बयान का किया जिक्र
अमरजीत कौर ने अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पुराने बयानों का जिक्र करते हुए कम्युनिस्ट विचारधारा और लाल झंडे को लेकर कही गई बातों का संदर्भ दिया। इसी दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री को लेकर विवादित टिप्पणी की, जिसके बाद राजनीतिक हलकों में बयानबाजी तेज हो गई।
अमरजीत कौर का कहना है कि यदि प्रधानमंत्री कम्युनिस्ट विचारधारा को खत्म करने की बात कह सकते हैं, तो वह भी अपनी राजनीतिक बात रखने का अधिकार रखती हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह अपने बयान पर कायम हैं और इसके लिए माफी नहीं मांगेंगी।
बीजेपी ने लगाया गंभीर आरोप
अमरजीत कौर के बयान पर बीजेपी प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने पलटवार किया। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए उनके बयान की आलोचना की और उन पर नक्सली सोच रखने का आरोप लगाया।
बीजेपी की ओर से कहा गया कि प्रधानमंत्री के खिलाफ इस तरह की भाषा स्वीकार्य नहीं है। पार्टी ने अमरजीत कौर से अपने बयान के लिए माफी मांगने की मांग की है। इस मुद्दे के सामने आने के बाद दोनों राजनीतिक खेमों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है।
अमरजीत कौर ने माफी से किया इनकार
विवाद बढ़ने के बाद अमरजीत कौर ने माफी मांगने से साफ इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि उन्होंने जो कहा है, वह उस पर कायम हैं। उनका तर्क है कि यदि प्रधानमंत्री कम्युनिस्टों के खिलाफ ऐसी टिप्पणी कर सकते हैं, तो वह भी अपनी राजनीतिक प्रतिक्रिया व्यक्त कर सकती हैं।
उनके इस रुख के बाद विवाद और गहरा गया है। बीजेपी लगातार उनके बयान को लेकर सवाल उठा रही है, जबकि अमरजीत कौर अपने बयान का बचाव करती नजर आ रही हैं।
कौन हैं अमरजीत कौर?
अमरजीत कौर लंबे समय से वामपंथी राजनीति से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने एमएससी और एलएलबी की पढ़ाई की है। छात्र जीवन के दौरान ही वह कम्युनिस्ट पार्टी से जुड़ गई थीं। वह अखिल भारतीय छात्र संघ की महिला महासचिव की जिम्मेदारी भी संभाल चुकी हैं।
इसके अलावा वह राष्ट्रीय भारतीय महिला संघ की महासचिव और ट्रेड यूनियन क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों पर रह चुकी हैं। बढ़ती महंगाई के खिलाफ हुए एक प्रदर्शन में हिस्सा लेने के कारण उन्हें जेल भी जाना पड़ा था।
नक्सलवाद और माओवाद पर PM मोदी का बयान
दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त को लाल किले से दिए अपने संबोधन में नक्सलवाद और माओवाद का जिक्र करते हुए कहा था कि इन विचारधाराओं ने बड़ी संख्या में युवाओं के भविष्य को प्रभावित किया है। उन्होंने हिंसा के कारण परिवारों को हुए नुकसान की बात भी कही थी।
अब इसी राजनीतिक और वैचारिक पृष्ठभूमि में अमरजीत कौर की टिप्पणी सामने आने के बाद बीजेपी और वाम दलों के बीच जुबानी जंग तेज होती दिखाई दे रही है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर दोनों पक्षों की ओर से और प्रतिक्रियाएं सामने आ सकती हैं।

