23 Apr 2026, Thu

साल 2031 तक भारत में 313 अरबपति होने का अनुमान, अल्ट्रा-हाई नेट वर्थ वालों की बढ़ रही तादाद

India Wealth Growth Report 2026: भारत बना वैश्विक वेल्थ क्रिएशन का बड़ा केंद्र, अरबपतियों की संख्या में तेज बढ़ोतरी

रियल एस्टेट कंसल्टेंसी फर्म नाइट फ्रैंक ने अपनी बहुप्रतीक्षित ‘द वेल्थ रिपोर्ट 2026’ का 20वां संस्करण जारी किया है। इस रिपोर्ट में भारत को वैश्विक स्तर पर धन सृजन (Wealth Creation) के सबसे तेजी से उभरते केंद्रों में से एक बताया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, भारत की अर्थव्यवस्था में हो रहे तेज बदलाव और निवेश गतिविधियों के कारण देश में अल्ट्रा-हाई नेटवर्थ इंडिविजुअल्स (UHNWI) की संख्या में लगातार वृद्धि देखी जा रही है।

भारत में बढ़ेगा अमीरों का क्लब

नाइट फ्रैंक की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में 2031 तक अल्ट्रा-हाई नेटवर्थ इंडिविजुअल्स की संख्या बढ़कर 25,217 तक पहुंच सकती है। वहीं, अरबपतियों की संख्या 313 तक पहुंचने का अनुमान लगाया गया है। फिलहाल भारत में 19,877 UHNWI और 207 अरबपति मौजूद हैं। यह बढ़ोतरी देश में तेजी से हो रहे टेक्नोलॉजी, इंडस्ट्रियल और कैपिटल मार्केट्स के विकास का परिणाम मानी जा रही है।

वैश्विक स्तर पर भी बढ़ा वेल्थ क्रिएशन

रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि वैश्विक स्तर पर संपत्ति निर्माण में तेजी देखी गई है, भले ही दुनिया भर में भू-राजनीतिक तनाव, बढ़ती ब्याज दरें और आर्थिक अस्थिरता जैसी चुनौतियां मौजूद हों। 2021 में जहां दुनिया में 5,51,435 UHNWI थे, वहीं अब यह संख्या बढ़कर 7,13,626 हो गई है।

भारत की वैश्विक रैंकिंग में सुधार

भारत अब UHNWI आबादी के मामले में दुनिया में छठे स्थान पर पहुंच गया है। वहीं अरबपतियों की संख्या के मामले में भारत अमेरिका (914 अरबपति) और चीन (485 अरबपति) के बाद तीसरे स्थान पर है। पिछले पांच वर्षों में भारत में अरबपतियों की संख्या में 58% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जो देश की मजबूत आर्थिक स्थिति को दर्शाता है।

मुंबई बना वेल्थ का केंद्र

रिपोर्ट के अनुसार, भारत के कुल अल्ट्रा-हाई नेटवर्थ इंडिविजुअल्स में से 35.4% मुंबई में रहते हैं। यह शहर देश का सबसे बड़ा वेल्थ हब बनकर उभरा है, जहां बड़ी संख्या में हाई नेटवर्थ इंडिविजुअल्स और बिजनेस लीडर्स मौजूद हैं।

विशेषज्ञों की राय

नाइट फ्रैंक इंडिया के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर शिशिर बैजल ने कहा कि भारत का वेल्थ क्लब लगातार विस्तार कर रहा है, जो देश की आर्थिक प्रगति और उद्यमशीलता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि भारत अब एक ऐसी अर्थव्यवस्था बन रहा है जहां पूंजी, आधुनिक वित्तीय बाजार और वैश्विक स्तर से जुड़े निवेशक तेजी से बढ़ रहे हैं।

निष्कर्ष

नाइट फ्रैंक की यह रिपोर्ट साफ संकेत देती है कि भारत आने वाले वर्षों में वैश्विक धन सृजन का एक प्रमुख केंद्र बनने जा रहा है। टेक्नोलॉजी, निवेश और उद्यमिता के बढ़ते अवसर देश की आर्थिक ताकत को नई ऊंचाइयों तक ले जा रहे हैं।

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