10 Jun 2026, Wed

दिल्ली मेट्रो का मेगा प्लान! राजीव चौक मेट्रो स्टेशन से एयरपोर्ट टर्मिनल-3 पहुंचना होगा आसान, बन रहा 800 मीटर लंबा सबवे

 

नई दिल्ली: दिल्ली मेट्रो यात्रियों के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। राजधानी के सबसे व्यस्त मेट्रो स्टेशन राजीव चौक से इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (आईजीआई) एयरपोर्ट के टर्मिनल-3 और टर्मिनल-2 तक पहुंचना आने वाले समय में बेहद आसान हो जाएगा। दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) ने फेज-5ए के तहत आरके आश्रम से इंद्रप्रस्थ के बीच बनने वाले सेंट्रल विस्टा कॉरिडोर पर काम शुरू कर दिया है। इस परियोजना का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा राजीव चौक और शिवाजी स्टेडियम मेट्रो स्टेशन को जोड़ने वाला 800 मीटर लंबा भूमिगत सबवे होगा।

यह सबवे दिल्ली मेट्रो नेटवर्क का अब तक का सबसे लंबा पैदल संपर्क मार्ग माना जा रहा है। इसके बनने के बाद पूर्वी दिल्ली, नोएडा, वैशाली, आनंद विहार, लक्ष्मी नगर और आसपास के इलाकों से आने वाले यात्रियों को एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन तक पहुंचने के लिए अतिरिक्त इंटरचेंज नहीं करना पड़ेगा। इससे यात्रा का समय कम होगा और यात्रियों को अधिक सुविधा मिलेगी।

वर्तमान में एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन के शिवाजी स्टेडियम स्टेशन और राजीव चौक स्टेशन के बीच सीधा संपर्क नहीं है। एयरपोर्ट जाने वाले अधिकांश यात्रियों को नई दिल्ली मेट्रो स्टेशन या अन्य इंटरचेंज स्टेशनों का उपयोग करना पड़ता है। नई परियोजना के तहत बनने वाला सबवे दोनों स्टेशनों को सीधे जोड़ेगा, जिससे एयरपोर्ट पहुंचने का रास्ता अधिक सुगम और तेज हो जाएगा।

दिल्ली मेट्रो इस सबवे को आधुनिक सुविधाओं से लैस करेगी। यात्रियों को लंबी दूरी पैदल तय करने में परेशानी न हो, इसके लिए पूरे मार्ग में ट्रैवलेटर लगाए जाएंगे। एयरपोर्ट पर इस्तेमाल होने वाली चलती पट्टियों की तरह ये ट्रैवलेटर यात्रियों को तेजी और आराम से एक स्टेशन से दूसरे स्टेशन तक पहुंचाने में मदद करेंगे। खासकर बुजुर्गों, दिव्यांग यात्रियों, बच्चों और भारी सामान के साथ यात्रा करने वाले लोगों को इसका बड़ा लाभ मिलेगा।

डीएमआरसी के अनुसार, आरके आश्रम से इंद्रप्रस्थ तक बनने वाला सेंट्रल विस्टा कॉरिडोर लगभग 9.9 किलोमीटर लंबा होगा और इसे पूरी तरह भूमिगत बनाया जाएगा। इस रूट पर कुल नौ मेट्रो स्टेशन विकसित किए जाएंगे। कॉरिडोर को इस तरह डिजाइन किया जा रहा है कि भविष्य में यहां छह कोच वाली मेट्रो ट्रेनों का संचालन भी आसानी से किया जा सके।

परियोजना को वर्ष 2029 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके शुरू होने के बाद न केवल एयरपोर्ट तक कनेक्टिविटी बेहतर होगी, बल्कि दिल्ली के प्रमुख सरकारी क्षेत्रों और व्यावसायिक केंद्रों तक पहुंच भी आसान हो जाएगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना राजधानी के सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क को और अधिक मजबूत बनाएगी तथा लाखों दैनिक यात्रियों को बेहतर यात्रा अनुभव प्रदान करेगी।

दिल्ली मेट्रो का यह नया कदम राजधानी में स्मार्ट और सुविधाजनक परिवहन व्यवस्था की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

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