लगातार दो कारोबारी सत्रों में गिरावट झेलने के बाद बुधवार को भारतीय शेयर बाजार ने दमदार वापसी की। ऑटो, बैंकिंग और एफएमसीजी सेक्टर में हुई मजबूत खरीदारी के कारण प्रमुख सूचकांक हरे निशान में बंद हुए। बीएसई सेंसेक्स करीब 444 अंक चढ़कर बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी ने एक बार फिर 24,000 के महत्वपूर्ण स्तर को पार कर लिया।
कारोबार के अंत में 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 443.97 अंक यानी 0.58 प्रतिशत की बढ़त के साथ 76,922.64 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं, एनएसई निफ्टी 140.10 अंक यानी 0.59 प्रतिशत मजबूत होकर 24,005.85 के स्तर पर पहुंच गया। बाजार में खरीदारी का दायरा भी सकारात्मक रहा। दिनभर के कारोबार में करीब 2,158 शेयर तेजी के साथ बंद हुए, जबकि 1,935 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई।
ऑटो शेयरों में जोरदार खरीदारी
बाजार की तेजी में ऑटोमोबाइल कंपनियों के शेयरों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जून महीने के वाहन बिक्री आंकड़े उम्मीद से बेहतर रहने के कारण निवेशकों का भरोसा बढ़ा। महिंद्रा एंड महिंद्रा के शेयर में करीब तीन प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। कंपनी ने जून महीने में वाहन बिक्री में 37 प्रतिशत वृद्धि की जानकारी दी, जिसके बाद शेयर में खरीदारी तेज हो गई।
ऑटो सेक्टर के अन्य शेयरों में भी सकारात्मक कारोबार देखने को मिला। निवेशकों को उम्मीद है कि मजबूत बिक्री, ग्रामीण मांग में सुधार और नए मॉडलों की लॉन्चिंग से ऑटो कंपनियों की आय में आगे भी बढ़ोतरी हो सकती है।
FMCG कंपनियों ने भी दिया बाजार को सहारा
एफएमसीजी सेक्टर में भी अच्छी खरीदारी देखने को मिली। नेस्ले इंडिया, हिंदुस्तान यूनिलीवर, डाबर इंडिया और टाइटन जैसे प्रमुख शेयरों में दो से चार प्रतिशत तक की तेजी दर्ज की गई। इसके चलते निफ्टी एफएमसीजी इंडेक्स करीब 1.5 प्रतिशत मजबूत हुआ।
विशेषज्ञों के अनुसार, ग्रामीण मांग में संभावित सुधार, मानसून की प्रगति और महंगाई में नरमी की उम्मीद से एफएमसीजी कंपनियों को लेकर निवेशकों का रुझान सकारात्मक बना हुआ है।
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी तेजी
बुधवार की तेजी केवल बड़ी कंपनियों के शेयरों तक सीमित नहीं रही। मिडकैप और स्मॉलकैप कंपनियों में भी निवेशकों ने खरीदारी की। कई स्मॉलकैप इंडेक्स करीब 0.5 प्रतिशत तक मजबूत हुए। रिलायंस पावर, राइट्स और पेज इंडस्ट्रीज जैसे शेयरों में उल्लेखनीय बढ़त देखने को मिली।
बाजार में व्यापक खरीदारी से संकेत मिला कि निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता में कुछ सुधार हुआ है। हालांकि, विशेषज्ञों ने छोटे शेयरों में निवेश करते समय सावधानी बरतने की सलाह दी है।
आईटी शेयरों में जारी रहा दबाव
दूसरी ओर, आईटी सेक्टर में कमजोरी बनी रही। टेक महिंद्रा समेत कुछ प्रमुख आईटी कंपनियों के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। केपीआईटी टेक्नोलॉजीज के कमजोर कारोबारी अनुमान के बाद उसके शेयर में बड़ी गिरावट देखने को मिली। आईटी शेयरों के दबाव ने बाजार की तेजी को कुछ हद तक सीमित किया।
कच्चे तेल की कीमतों से मिला समर्थन
अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमत करीब 73 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बनी रही। कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता और नरमी से भारत की आयात लागत तथा महंगाई को लेकर चिंताएं कुछ कम हुईं। इससे निवेशकों की धारणा को मजबूती मिली।
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में वैश्विक संकेत, विदेशी निवेशकों की गतिविधियां, मानसून की स्थिति और कंपनियों के तिमाही नतीजे बाजार की दिशा तय करेंगे।

