21 Apr 2026, Tue

‘वोट नहीं दिया तो वोटर लिस्ट से नाम कट जाएगा’, डर के मारे बंगाल लौट रहे मजदूर, ट्रेनों में खचाखच भीड़

पश्चिम बंगाल चुनाव 2026: वोटिंग के डर से घर लौट रहे प्रवासी, रेलवे स्टेशनों पर उमड़ी भारी भीड़

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के बीच देशभर के अलग-अलग शहरों से बंगाल लौटने वालों की संख्या अचानक बढ़ गई है। खासकर प्रवासी मजदूरों और कामकाजी लोगों में अपने गृह राज्य जाकर मतदान करने की होड़ देखी जा रही है। दिल्ली, मुंबई, सूरत, चेन्नई और केरल जैसे बड़े शहरों के रेलवे स्टेशनों पर इन दिनों भारी भीड़ देखने को मिल रही है। स्थिति ऐसी है कि कई जगहों पर प्लेटफॉर्म खचाखच भर गए हैं और यात्रियों को ट्रेन में चढ़ने के लिए लंबी-लंबी कतारों में इंतजार करना पड़ रहा है।

जानकारी के मुताबिक, बड़ी संख्या में लोग अपने घरों की ओर इसलिए लौट रहे हैं क्योंकि उनके बीच यह डर फैल गया है कि यदि उन्होंने इस बार मतदान नहीं किया तो उनका नाम मतदाता सूची से हटा दिया जाएगा। कई लोगों का कहना है कि उन्हें उनके रिश्तेदारों और परिचितों द्वारा फोन करके वोट डालने के लिए बुलाया जा रहा है। सोशल मीडिया और व्हाट्सऐप मैसेज के जरिए भी इस तरह की सूचनाएं तेजी से फैल रही हैं, जिससे लोगों में पैनिक बढ़ गया है।

मालदा और मुर्शिदाबाद जैसे जिलों में लौटने वालों की संख्या ज्यादा बताई जा रही है। इन इलाकों में बड़ी संख्या में प्रवासी कामगार रहते हैं, जो रोजगार के लिए दूसरे राज्यों में जाते हैं। चुनाव के दौरान उनके अचानक लौटने से ट्रेनों में भीड़ का दबाव काफी बढ़ गया है। रेलवे प्रशासन ने इस स्थिति को संभालने के लिए कई स्पेशल ट्रेनों का संचालन शुरू किया है, लेकिन इसके बावजूद भीड़ कम होने का नाम नहीं ले रही।

दिल्ली और मुंबई जैसे महानगरों के रेलवे स्टेशनों पर स्थिति और भी गंभीर हो गई है। मुंबई के लोकमान्य तिलक टर्मिनस पर बंगाल जाने वाली ट्रेनों के लिए यात्रियों की लाइनें घंटों पहले से लग रही हैं। वहीं, दिल्ली के स्टेशनों पर भी बंगाल जाने वाली ट्रेनों में भारी भीड़ देखी जा रही है। यात्रियों का कहना है कि वोट डालना उनके लिए जरूरी है, क्योंकि उन्हें डर है कि मतदान नहीं करने पर भविष्य में सरकारी सुविधाओं पर असर पड़ सकता है।

सूरत के उधना रेलवे स्टेशन पर 19 अप्रैल को हालात इतने बिगड़ गए कि भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को हल्का लाठीचार्ज करना पड़ा। कुछ यात्री बैरिकेड तोड़कर स्टेशन में प्रवेश करने की कोशिश कर रहे थे, जिससे भगदड़ का खतरा पैदा हो गया था। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, हजारों यात्रियों को सुरक्षित उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए अतिरिक्त इंतजाम किए गए हैं।

दिलचस्प बात यह है कि सिर्फ देश के भीतर ही नहीं, बल्कि विदेशों में रहने वाले कई एनआरआई भी इस बार मतदान करने के लिए बंगाल लौटे हैं। उनका कहना है कि राज्य के भविष्य को ध्यान में रखते हुए वोट देना बेहद जरूरी है।

रेलवे अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि हर साल त्योहारों और चुनावों के दौरान इस तरह की भीड़ देखी जाती है, लेकिन इस बार अफवाहों के कारण स्थिति ज्यादा संवेदनशील हो गई है। प्रशासन लोगों से अपील कर रहा है कि वे केवल आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें और अफवाहों से बचें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *