भारत-दक्षिण कोरिया के बीच डिजिटल पेमेंट समझौता, अब QR कोड से होगा आसान भुगतान
नई दिल्ली: भारत और दक्षिण कोरिया के बीच डिजिटल सहयोग को एक नई दिशा मिल गई है। सोमवार को हैदराबाद हाउस में आयोजित द्विपक्षीय बैठक के दौरान दोनों देशों ने इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट सिस्टम को जोड़ने पर एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए। इस समझौते के बाद अब दोनों देशों के नागरिक एक-दूसरे के देश में QR कोड के जरिए आसानी से भुगतान कर सकेंगे।
QR कोड से आसान होगा लेन-देन
इस समझौते के तहत भारत और दक्षिण कोरिया की डिजिटल पेमेंट प्रणालियों को आपस में जोड़ा जाएगा। इसका सीधा फायदा यह होगा कि भारतीय यात्री दक्षिण कोरिया में और कोरियाई यात्री भारत में स्थानीय QR कोड स्कैन करके भुगतान कर सकेंगे। इससे नकद और कार्ड पर निर्भरता कम होगी और डिजिटल ट्रांजैक्शन और भी आसान हो जाएंगे।
दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्युंग ने इस समझौते को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह कदम दोनों देशों के बीच यात्राओं और व्यापार को और अधिक सुविधाजनक बनाएगा।
हैदराबाद हाउस में हुई अहम बैठक
हैदराबाद हाउस में हुई इस उच्च स्तरीय बैठक के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति ली जे-म्युंग ने द्विपक्षीय और रणनीतिक संबंधों को मजबूत करने पर विस्तार से चर्चा की। बैठक में आर्थिक सहयोग, तकनीकी साझेदारी और डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर जैसे मुद्दों पर भी सहमति बनी।
इस दौरान दोनों नेताओं ने आपसी सहयोग को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप और मजबूत बनाने पर जोर दिया।
पीएम मोदी और कोरियाई राष्ट्रपति की अनोखी मुलाकात
बैठक के दौरान एक हल्के-फुल्के पल में दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्युंग ने प्रधानमंत्री मोदी के साथ सेल्फी भी ली, जो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गई। इसके अलावा दोनों नेताओं ने परिसर में पौधरोपण भी किया, जो पर्यावरण संरक्षण के प्रति साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
डिजिटल और रणनीतिक साझेदारी को बढ़ावा
भारत और दक्षिण कोरिया ने इस बैठक में डिजिटल भुगतान, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सेमीकंडक्टर और टेक्नोलॉजी इनोवेशन जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर भी सहमति जताई। दोनों देशों का लक्ष्य भविष्य में एक मजबूत डिजिटल इकोसिस्टम तैयार करना है, जिससे नागरिकों को प्रत्यक्ष लाभ मिल सके।
यात्रियों को मिलेगा बड़ा फायदा
इस समझौते के बाद अब भारत और दक्षिण कोरिया के बीच यात्रा करने वाले लोगों को विदेशी मुद्रा या अलग पेमेंट सिस्टम की जटिलता से राहत मिलेगी। QR कोड आधारित भुगतान से पर्यटन, व्यापार और छात्र आदान-प्रदान को भी बढ़ावा मिलेगा।
यह कदम भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर माना जा रहा है।

