भारत-दक्षिण कोरिया साझेदारी मजबूत, पीएम मोदी बोले– शांति और स्थिरता हमारी प्राथमिकता
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग के साथ हुई उच्च स्तरीय बैठक के बाद दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने का ऐलान किया है। इस मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं ने आर्थिक सहयोग, तकनीक, रक्षा और सांस्कृतिक आदान-प्रदान जैसे कई अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वैश्विक स्तर पर बढ़ते तनाव के बीच भारत और दक्षिण कोरिया शांति, स्थिरता और विकास का संदेश दे रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि दोनों देश इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में एक शांतिपूर्ण और समावेशी व्यवस्था बनाने के लिए लगातार काम करते रहेंगे।
अंतरराष्ट्रीय सहयोग पर जोर
पीएम मोदी ने इस बात पर खुशी जताई कि दक्षिण कोरिया अब इंटरनेशनल सोलर अलायंस और इंडो-पैसिफिक ओशन इनिशिएटिव से जुड़ रहा है। इससे दोनों देशों के बीच पर्यावरण और समुद्री सुरक्षा के क्षेत्र में सहयोग और मजबूत होगा।
उन्होंने यह भी कहा कि मौजूदा वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं में सुधार जरूरी है, ताकि वे अधिक प्रभावी और समावेशी बन सकें।
डिजिटल ब्रिज और तकनीकी साझेदारी
बैठक के दौरान प्रधानमंत्री ने “इंडिया-कोरिया डिजिटल ब्रिज” की शुरुआत का ऐलान किया। यह पहल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सेमीकंडक्टर और सूचना प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ावा देगी।
इसके साथ ही जहाज निर्माण, स्टील, पोर्ट डेवलपमेंट और सस्टेनेबिलिटी जैसे क्षेत्रों में भी दोनों देशों के बीच कई समझौते (MoUs) होने की संभावना है। पीएम मोदी ने कहा कि भारत और कोरिया मिलकर “चिप से लेकर जहाजों तक” हर क्षेत्र में नए अवसर तलाशेंगे।
आर्थिक और सांस्कृतिक सहयोग
प्रधानमंत्री ने बताया कि 2010 में लागू हुआ व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता (CEPA) दोनों देशों के व्यापारिक संबंधों को नई ऊंचाई पर ले गया है। अब अगले चरण में व्यापार और निवेश को और गति देने पर फोकस किया जाएगा।
इसके अलावा फिल्म, एनीमेशन, गेमिंग और अन्य क्रिएटिव सेक्टर में भी सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी है, जिससे सांस्कृतिक रिश्ते और मजबूत होंगे।
भविष्य की साझेदारी पर भरोसा
पीएम मोदी ने कहा, “राष्ट्रपति ली की यात्रा के बाद हमारा भरोसेमंद सहयोग अब भविष्य की ओर उन्मुख साझेदारी में बदल रहा है।” उन्होंने उम्मीद जताई कि दोनों देश मिलकर अगले दशक में विकास और नवाचार के नए मानक स्थापित करेंगे।
उन्होंने आगे कहा कि आज आयोजित बिजनेस फोरम इन सभी संभावनाओं को वास्तविक परिणामों में बदलने का एक महत्वपूर्ण मंच साबित होगा।
इस बैठक को भारत और दक्षिण कोरिया के बीच संबंधों के एक नए युग की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है, जो आने वाले वर्षों में वैश्विक स्तर पर दोनों देशों की भूमिका को और मजबूत करेगा।

