उत्तर प्रदेश में ट्रेन से सफर करने वाले यात्रियों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। पूर्वोत्तर रेलवे (NER) के गोंडा-गोंडा कचहरी रेलखंड पर जून और जुलाई के दौरान मेगा ब्लॉक लिया जाएगा। इस वजह से इस रूट पर यात्रा करने वाले हजारों यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।
रेलवे प्रशासन के अनुसार यह मेगा ब्लॉक गोंडा-बुढ़वल रेलखंड पर तीसरी रेल लाइन बिछाने और नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य के कारण लिया जा रहा है। इस दौरान गोंडा और गोंडा कचहरी स्टेशन के बीच कई महत्वपूर्ण तकनीकी काम किए जाएंगे। इसके साथ ही 10 जुलाई को मुख्य संरक्षा आयुक्त नई लाइन का निरीक्षण भी करेंगे।
कई ट्रेनों पर बड़ा असर
इस मेगा ब्लॉक के कारण रेलवे संचालन पर बड़ा असर पड़ेगा। जानकारी के अनुसार:
- 33 ट्रेनें पूरी तरह रद्द रहेंगी
- 53 ट्रेनों का रूट बदला जाएगा
- 18 ट्रेनों को रास्ते में रोककर चलाया जाएगा
- 3 ट्रेनों को नियंत्रित गति से चलाया जाएगा
- 7 ट्रेनों की यात्रा में देरी होगी
रेलवे ने यात्रियों की सुविधा के लिए पहले ही प्रभावित ट्रेनों की सूची जारी कर दी है, ताकि लोग अपनी यात्रा की योजना पहले से बना सकें।
कई प्रमुख ट्रेनें रहेंगी रद्द
मेगा ब्लॉक के दौरान गोरखपुर, लखनऊ, छपरा, अमृतसर और बांद्रा टर्मिनस जैसी रूटों की कई प्रमुख ट्रेनें अलग-अलग तारीखों पर रद्द रहेंगी। इनमें इंटरसिटी, एक्सप्रेस और सवारी गाड़ियां शामिल हैं।
गोरखपुर-गोमती नगर एक्सप्रेस, गोरखपुर-लखनऊ इंटरसिटी, ऐशबाग-गोरखपुर एक्सप्रेस और अन्य कई ट्रेनों का संचालन प्रभावित रहेगा।
कई ट्रेनों का बदला गया मार्ग
इसके अलावा दर्जनों ट्रेनों को वैकल्पिक रूट से चलाया जाएगा। इनमें कटिहार-अमृतसर, जम्मूतवी-बरौनी, दरभंगा-नई दिल्ली और चंडीगढ़-डिब्रूगढ़ जैसी लंबी दूरी की ट्रेनें शामिल हैं। ये ट्रेनें अब वाराणसी, प्रयागराज, कानपुर, लखनऊ और अयोध्या कैंट जैसे वैकल्पिक मार्गों से होकर गुजरेंगी।
कुछ ट्रेनों की रफ्तार भी होगी धीमी
रेलवे ने कुछ ट्रेनों को बीच रास्ते में रोकने और देरी से चलाने का भी फैसला लिया है। कुछ ट्रेनों को 60 से 120 मिनट तक नियंत्रित किया जाएगा, जबकि कुछ ट्रेनों को 2 घंटे तक देरी से चलाया जाएगा।
यात्रियों के लिए सलाह
रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा से पहले अपनी ट्रेन की स्थिति अवश्य जांच लें। मेगा ब्लॉक के दौरान कई रूटों पर समय परिवर्तन और रद्दीकरण की संभावना रहेगी, इसलिए यात्रियों को वैकल्पिक यात्रा योजना बनाने की सलाह दी गई है।
यह मेगा ब्लॉक भले ही अस्थायी असुविधा पैदा करेगा, लेकिन इसके बाद इस रूट पर ट्रेनों की गति और संचालन क्षमता में सुधार होने की उम्मीद है।

