23 Apr 2026, Thu

न वंदे भारत, न राजधानी, न शताब्दी! इस ट्रेन ने कमाई के मामले में सबको पीछे छोड़ा; रेलवे ने जारी की लिस्ट

भारतीय रेलवे की कमाई रिपोर्ट में बड़ा उलटफेर: वंदे भारत और राजधानी को पीछे छोड़ इस ट्रेन ने मारी बाजी

भारतीय रेलवे के नेटवर्क में अब तक राजधानी एक्सप्रेस, शताब्दी और वंदे भारत एक्सप्रेस जैसी प्रीमियम ट्रेनों को सबसे ज्यादा कमाई करने वाली ट्रेनों के रूप में देखा जाता रहा है। लेकिन उत्तर मध्य रेलवे (NCR) की वित्तीय वर्ष 2025-26 की ताजा रिपोर्ट ने इस परंपरागत धारणा को पूरी तरह बदल दिया है। इस बार जारी किए गए आंकड़ों में ऐसा चौंकाने वाला फेरबदल देखने को मिला है, जिसने रेलवे के यात्रियों और विशेषज्ञों दोनों को हैरान कर दिया है।

रिपोर्ट के अनुसार, इस बार सबसे ज्यादा कमाई करने वाली ट्रेन डॉ. अंबेडकर नगर एक्सप्रेस (ट्रेन नंबर 14116) बन गई है। इस ट्रेन ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में कुल ₹40.56 करोड़ की आय अर्जित कर पहला स्थान हासिल किया है। लगातार बढ़ती यात्रियों की संख्या और बेहतर रूट कनेक्टिविटी की वजह से इस ट्रेन की लोकप्रियता में तेज़ी से इजाफा हुआ है।

दूसरे स्थान पर खजुराहो-उदयपुर सिटी एक्सप्रेस (19665) रही, जिसने ₹39.98 करोड़ की कमाई की है। वहीं लंबे समय तक शीर्ष पर रहने वाली प्रयागराज एक्सप्रेस (12417) इस बार तीसरे स्थान पर खिसक गई, जिसकी कुल आय ₹35.50 करोड़ दर्ज की गई है।

इसके अलावा अन्य प्रमुख ट्रेनों ने भी इस सूची में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है। मुंबई दूरंतो एक्सप्रेस (12294) ने ₹34 करोड़, संपर्क क्रांति एक्सप्रेस (12447) ने ₹31.98 करोड़ और वंदे भारत एक्सप्रेस (20469) ने ₹31.55 करोड़ की कमाई की है। वहीं जम्मू मेल (20433) और हमसफर एक्सप्रेस (12275) जैसी ट्रेनों ने भी क्रमशः ₹29.94 करोड़ और ₹29.54 करोड़ का राजस्व अर्जित किया है।

यात्रियों की बदलती पसंद बनी कारण

रेलवे विशेषज्ञों का मानना है कि इस बदलाव के पीछे यात्रियों की बदलती प्राथमिकताएं मुख्य कारण हैं। अब यात्री सिर्फ हाई-स्पीड या ब्रांडेड ट्रेनों को ही नहीं, बल्कि उन सेवाओं को भी पसंद कर रहे हैं जो बेहतर कनेक्टिविटी, आरामदायक यात्रा और किफायती किराए का संतुलन प्रदान करती हैं। इसी वजह से कुछ पारंपरिक रूप से मजबूत मानी जाने वाली ट्रेनें इस बार पीछे रह गईं।

इसके साथ ही, छोटे और मिड-रेंज रूट्स पर चलने वाली कुछ ट्रेनों की मांग में बढ़ोतरी ने भी इस रैंकिंग को प्रभावित किया है।

रेलवे की नई रणनीति की ओर संकेत

इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद भारतीय रेलवे की रणनीति में बड़े बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। रेलवे अब प्रीमियम ट्रेनों के साथ-साथ उन रूट्स पर भी ध्यान केंद्रित करने की योजना बना रहा है, जहां यात्रियों की मांग तेजी से बढ़ रही है। इसके अलावा, हाई-स्पीड और आधुनिक सुविधाओं से लैस ट्रेनों के नेटवर्क को और विस्तार देने पर भी जोर दिया जा रहा है।

विशेषज्ञों का कहना है कि अगर यह ट्रेंड जारी रहता है तो आने वाले समय में रेलवे की कमाई का मॉडल और भी विविध हो सकता है, जिसमें सिर्फ प्रीमियम ट्रेनों पर निर्भरता कम हो जाएगी।

फिलहाल, इस रिपोर्ट ने यह साफ कर दिया है कि भारतीय रेलवे में यात्रियों की पसंद और यात्रा पैटर्न तेजी से बदल रहा है और इसका सीधा असर कमाई के आंकड़ों पर भी देखने को मिल रहा है।

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