4 Sep 2026, Fri

नेपाल में भयानक बाढ़ के 9 दिन बाद सुरंग से जिंदा निकले दो शख्स, अबतक 1282 की हुई मौत; 5000 अब भी लापता

नेपाल: नेपाल में हाल ही में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। इसी बीच एक ऐसी खबर सामने आई है, जिसने मुश्किल हालात के बीच उम्मीद जगा दी है। त्रिशूली-3 ‘ए’ जलविद्युत परियोजना की सुरंग में फंसे दो लोगों को करीब नौ दिन बाद जिंदा बाहर निकाल लिया गया है। दोनों व्यक्ति बाढ़ के बाद सुरंग के भीतर फंस गए थे और लगातार उनकी तलाश की जा रही थी।

जानकारी के मुताबिक, बचाव अभियान के दौरान गुरुवार सुबह सुरंग के अंदर से किसी व्यक्ति के होने का संकेत मिला। इसके बाद रेस्क्यू टीम ने सुरंग के भीतर खोजबीन तेज कर दी। काफी प्रयासों के बाद बचाव कर्मियों ने अंदर फंसे दो लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

बचाए गए लोगों की पहचान संजय साह और कबीर महर्जन के रूप में हुई है। संजय साह नेपाल के सप्तरी जिले के रहने वाले हैं और जलविद्युत परियोजना में मैकेनिकल इंजीनियर के तौर पर काम करते थे। वहीं, कबीर महर्जन इसी परियोजना में सुपरवाइजर के पद पर कार्यरत थे। दोनों को सुरक्षित बाहर निकाले जाने के बाद राहत टीमों ने जरूरी सहायता उपलब्ध कराई।

9 दिन तक सुरंग में फंसे रहे लोग

26 अगस्त को आई अचानक बाढ़ ने नेपाल के कई इलाकों में भारी तबाही मचाई थी। बाढ़ और उससे जुड़ी घटनाओं के कारण बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हुए। इसी दौरान जलविद्युत परियोजना की सुरंग में भी कुछ लोग फंस गए थे।

लगातार नौ दिनों तक सुरंग के भीतर फंसे रहने के बाद दो लोगों का जिंदा मिलना बचाव अभियान के लिए बड़ी सफलता माना जा रहा है। सुरंग के अंदर उनकी स्थिति और उन्हें वहां से सुरक्षित निकालने की पूरी प्रक्रिया की जानकारी जुटाई जा रही है।

बाढ़ में 1282 लोगों की मौत

नेपाल में आई इस प्राकृतिक आपदा में अब तक कम से कम 1282 लोगों की मौत होने की जानकारी सामने आई है। वहीं, बड़ी संख्या में लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव अभियान लगातार चलाया जा रहा है।

आपदा के बाद अलग-अलग इलाकों में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के लिए बड़े स्तर पर अभियान चलाया गया। अब तक हजारों लोगों को बचाया जा चुका है। हालांकि, कई इलाकों में तबाही का असर अभी भी दिखाई दे रहा है और लापता लोगों की तलाश जारी है।

मृतकों की पहचान के लिए DNA प्रोफाइलिंग की तैयारी

बाढ़ के बाद बरामद किए जा रहे शवों की पहचान करना भी प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। इसी को देखते हुए भारत की ओर से नेपाल में आपदा के पीड़ितों की पहचान में मदद के लिए करीबी रक्त संबंधियों की DNA प्रोफाइलिंग की सुविधा उपलब्ध कराने की बात कही गई है।

इसके लिए भारत में मौजूद केंद्रीय और राज्य स्तर की फोरेंसिक प्रयोगशालाओं की मदद ली जा सकती है। DNA प्रोफाइलिंग के जरिए अज्ञात शवों की पहचान करने और उन्हें उनके परिवारों तक पहुंचाने में सहायता मिलने की उम्मीद है।

नेपाल में राहत एवं बचाव अभियान अभी भी पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। बचाव दल लगातार प्रभावित क्षेत्रों में तलाश कर रहे हैं। सुरंग से दो लोगों को नौ दिन बाद सुरक्षित निकाला जाना इस मुश्किल अभियान के बीच राहत और उम्मीद की एक बड़ी खबर है।

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