4 Sep 2026, Fri

‘भारत के संकल्प के लिए उनके आभारी हैं…’, यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की और एस जयशंकर की मुलाकात, किन मुद्दों पर चर्चा हुई?

कीव: यूक्रेन की राजधानी कीव में भारत और यूक्रेन के बीच महत्वपूर्ण बैठक हुई। भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने गुरुवार को यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की से मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध समेत कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। इस दौरान युद्ध को खत्म करने, शांति स्थापित करने और मानवीय जरूरतों से जुड़े विषयों पर भी बातचीत हुई।

एस. जयशंकर इन दिनों यूक्रेन की यात्रा पर हैं। उनकी राष्ट्रपति जेलेंस्की के साथ हुई मुलाकात को दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संबंधों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। रूस-यूक्रेन युद्ध लंबे समय से जारी है और इसे समाप्त करने के लिए अलग-अलग स्तर पर कूटनीतिक प्रयास किए जा रहे हैं। भारत लगातार बातचीत और कूटनीति के जरिए विवाद का समाधान निकालने की आवश्यकता पर जोर देता रहा है।

जेलेंस्की ने भारत के रुख की सराहना की

मुलाकात के बाद यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने भारत के रुख की सराहना की। उन्होंने कहा कि यूक्रेन रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध को समाप्त करने की दिशा में भारत के प्रयासों और प्रतिबद्धता के लिए आभारी है।

जेलेंस्की ने कहा कि यह युद्ध का समय नहीं है और शांति की आवश्यकता है। उन्होंने भारत के रुख को स्पष्ट बताते हुए उम्मीद जताई कि दुनिया की अन्य बड़ी ताकतें भी युद्ध समाप्त करने की दिशा में स्पष्ट भूमिका निभाएंगी।

यूक्रेनी राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि दोनों देशों के बीच बातचीत के दौरान कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई। इनमें युद्ध के अलावा आवश्यक वस्तुओं और खाद्य आपूर्ति से जुड़े विषय भी शामिल रहे।

जयशंकर की मौजूदगी के दौरान ड्रोन हमला

जेलेंस्की ने दावा किया कि जिस समय भारतीय विदेश मंत्री कीव में यूक्रेनी नेतृत्व के साथ मौजूद थे, उसी दौरान रूस की ओर से एक बार फिर ड्रोन हमला किया गया। उन्होंने बताया कि यूक्रेनी लड़ाकू विमानों ने ज्यादातर ड्रोन को मार गिराया, जिसके कारण भारतीय प्रतिनिधिमंडल सुरक्षित रहा।

उन्होंने कहा कि इस तरह के हमले यह दिखाते हैं कि युद्ध की स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है। यूक्रेन लगातार अंतरराष्ट्रीय समुदाय से युद्ध को समाप्त करने और स्थायी शांति स्थापित करने के लिए सहयोग की अपील कर रहा है।

शांति और कूटनीति पर भारत का जोर

भारत ने शुरुआत से ही रूस-यूक्रेन संघर्ष के समाधान के लिए बातचीत और कूटनीति को महत्वपूर्ण माध्यम बताया है। भारत का रुख रहा है कि युद्ध किसी भी समस्या का स्थायी समाधान नहीं है और विवादों को बातचीत के जरिए सुलझाने की कोशिश होनी चाहिए।

जयशंकर और जेलेंस्की की मुलाकात ऐसे समय हुई है जब रूस और यूक्रेन के बीच संघर्ष जारी है। ऐसे में दोनों नेताओं की बातचीत को क्षेत्रीय और वैश्विक शांति के प्रयासों के लिहाज से अहम माना जा रहा है।

मुलाकात के दौरान दोनों पक्षों के बीच आपसी संबंधों और सहयोग से जुड़े विषयों पर भी विचार-विमर्श हुआ। आने वाले समय में भारत और यूक्रेन के बीच कूटनीतिक संपर्क किस दिशा में आगे बढ़ता है, इस पर भी नजर रहेगी।

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