4 Sep 2026, Fri

नेपाल आपदा में करीब 600 बच्चे लापता, दिन-रात मलबे में तलाशी जा रही है जिंदगी

नेपाल में 26 अगस्त को आई विनाशकारी बाढ़ और आपदा के बाद हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं। घटना के दसवें दिन भी राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। सेना और बचाव दल दिन-रात मलबे के बीच जिंदगी की तलाश में जुटे हुए हैं। इसी बीच सामने आए आंकड़ों ने चिंता और बढ़ा दी है। रसुवा और नुवाकोट जिलों में करीब 600 बच्चों के लापता होने की जानकारी सामने आई है। बच्चों के अलावा बड़ी संख्या में अन्य लोग भी अब तक लापता बताए जा रहे हैं।

रसुवा और नुवाकोट में सैकड़ों बच्चे लापता

स्थानीय प्रशासन और शैक्षणिक संस्थानों से जुटाई गई जानकारी के मुताबिक रसुवा जिले में करीब 280 बच्चों के लापता होने की बात सामने आई है। वहीं नुवाकोट में लगभग 300 से 350 बच्चों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। अधिकारियों के अनुसार कुछ छात्रों को खोज लिया गया है, लेकिन इसके बावजूद नुवाकोट में कम से कम 300 छात्र अब भी लापता बताए जा रहे हैं।

इस आपदा का असर स्कूलों पर भी गंभीर रूप से पड़ा है। जानकारी के अनुसार रसुवा, नुवाकोट और धादिंग में कुल 22 स्कूल प्रभावित हुए हैं। इनमें से 12 स्कूल पूरी तरह तबाह हो चुके हैं। शिक्षकों के भी लापता होने की खबर है। रसुवा में 16 और नुवाकोट में छह शिक्षक अब तक लापता बताए जा रहे हैं।

1283 लोगों की मौत, हजारों की तलाश जारी

नेपाल में आई इस भीषण प्राकृतिक आपदा में अब तक 1283 लोगों की मौत होने की जानकारी सामने आई है। वहीं 5 हजार से ज्यादा लोग अभी भी लापता हैं। राहत और बचाव दलों ने अब तक 12 हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया है।

बाढ़ और मलबे के कारण कई इलाकों में पहुंचना बेहद मुश्किल बना हुआ है। कई जगहों पर सड़कें और संपर्क मार्ग क्षतिग्रस्त होने से बचाव दलों के सामने चुनौती बढ़ गई है। इसके बावजूद सेना और अन्य राहतकर्मी प्रभावित क्षेत्रों में लगातार अभियान चला रहे हैं।

हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की सुरंगों में फंसे लोगों की तलाश

बचाव अभियान के दौरान सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक हाइड्रोपावर परियोजनाओं की सुरंगों में फंसे कर्मचारियों तक पहुंचना है। भारी मात्रा में मलबा और कीचड़ भर जाने के कारण सुरंगों के भीतर फंसे लोगों से संपर्क स्थापित करना मुश्किल हो रहा है।

सेना के जवान लगातार सुरंगों से मलबा हटाने में जुटे हैं। बचावकर्मियों की कोशिश है कि किसी भी तरह अंदर फंसे लोगों तक पहुंचकर उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला जा सके।

दसवें दिन मिली उम्मीद की किरण

लगातार चल रहे राहत अभियान के बीच शुक्रवार को बचाव दलों को बड़ी सफलता भी मिली। त्रिशूली पावर प्रोजेक्ट की सुरंग से दो लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। आपदा के कई दिन बाद सुरंग से लोगों को जिंदा निकालना बचाव अभियान के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।

इस घटना ने उम्मीद जगाई है कि मलबे और सुरंगों में फंसे अन्य लोगों को भी सुरक्षित निकाला जा सकता है। फिलहाल सेना और बचाव दल लापता लोगों की तलाश में अभियान जारी रखे हुए हैं। प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती दूरदराज के प्रभावित इलाकों तक पहुंचना और मलबे में फंसे लोगों को जल्द से जल्द तलाशना है।

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