भारतीय स्टार जैवलिन थ्रो एथलीट नीरज चोपड़ा ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए सिल्वर मेडल अपने नाम किया। पिछले एक साल से फिटनेस और चोट की समस्या से जूझ रहे नीरज ने ग्लासगो में शानदार वापसी का संकेत दिया और अपने सीजन का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए भारत को एक और पदक दिलाया। इस उपलब्धि के साथ नीरज कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में जैवलिन थ्रो में गोल्ड और सिल्वर दोनों पदक जीतने वाले पहले भारतीय एथलीट बन गए हैं।
मेडल जीतने के बाद नीरज चोपड़ा ने अपनी वापसी को लेकर संतोष जताया और कहा कि वह सही दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने खास तौर पर यश वीर सिंह की तारीफ की, जिन्होंने इस प्रतियोगिता में कांस्य पदक जीतकर भारत के लिए दोहरा पोडियम सुनिश्चित किया। नीरज ने कहा कि भारतीय जैवलिन थ्रो का भविष्य काफी मजबूत दिखाई दे रहा है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में नीरज ने कहा, “आज मुझे एशियन गेम्स की याद आ गई, जब किशोर कुमार जेना और मैंने साथ में मेडल जीते थे। यशवीर ने इतने बड़े मंच पर अपना पर्सनल बेस्ट थ्रो किया, जो बेहद खास बात है। उसके साथ पोडियम पर खड़ा होना शानदार एहसास था।”
उन्होंने आगे कहा कि सबसे बड़ी खुशी इस बात की है कि अब भारत के पास कई ऐसे जैवलिन थ्रोअर हैं जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीत सकते हैं। नीरज ने कहा, “अगर मैं किसी कारण से मैदान पर नहीं हूं या चोटिल हूं, तब भी भारत के पास मेडल जीतने वाले खिलाड़ी मौजूद हैं। यशवीर अब 85 मीटर क्लब में पहुंच चुका है और रोहित भी लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहा है। देश में जैवलिन थ्रो का स्तर तेजी से ऊपर जा रहा है।”
हालांकि सिल्वर मेडल जीतने के बावजूद नीरज अपने प्रदर्शन से पूरी तरह संतुष्ट नहीं दिखे। उन्होंने माना कि प्रतियोगिता में उनका सिर्फ एक थ्रो ही उनकी उम्मीद के मुताबिक रहा। उन्होंने कहा, “आज मेरा सिर्फ एक थ्रो अच्छा रहा। बाकी प्रयास और बेहतर हो सकते थे। ग्लासगो का ठंडा मौसम मेरे लिए चुनौतीपूर्ण रहा। मुझे गर्म मौसम में प्रदर्शन करना ज्यादा पसंद है।”
नीरज की यह वापसी इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि पिछले कुछ महीनों में वह चोट और फिटनेस से जुड़ी समस्याओं से परेशान रहे थे। ऐसे में कॉमनवेल्थ गेम्स में सिल्वर मेडल जीतना उनके आत्मविश्वास के लिए बड़ा कदम माना जा रहा है। अब उनकी नजर एशियन गेम्स 2026 पर होगी, जिसकी मेजबानी इस बार जापान करेगा।
भारत के लिए कॉमनवेल्थ गेम्स का नौवां दिन बेहद सफल रहा और देश के कुल पदकों की संख्या 23 तक पहुंच गई। जैवलिन थ्रो में नीरज और यश वीर सिंह के दोहरे पदक ने भारतीय एथलेटिक्स की ताकत को एक बार फिर साबित किया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी नीरज चोपड़ा और यश वीर सिंह को बधाई दी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि नीरज ने एक बार फिर शानदार निरंतरता, संयम और जज्बा दिखाया है और उनकी सफलता हर भारतीय के लिए गर्व की बात है। पीएम ने यश वीर सिंह की उपलब्धि की भी सराहना करते हुए दोनों खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
नीरज चोपड़ा का यह सिल्वर मेडल सिर्फ एक पदक नहीं, बल्कि भारतीय जैवलिन थ्रो की नई पीढ़ी के उभार और भविष्य की संभावनाओं का मजबूत संकेत माना जा रहा है।

