22 Aug 2026, Sat

देश में LPG नेटवर्क होगा मजबूत! ₹7000 करोड़ की लागत से बनेंगी 1800 KM नई पाइपलाइन, 6 राज्यों होगा जबरदस्त फायदा

नई दिल्ली: देश में LPG की सप्लाई व्यवस्था को मजबूत करने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस नियामक बोर्ड (PNGRB) ने करीब 1,800 किलोमीटर लंबी नई LPG पाइपलाइन परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इन परियोजनाओं पर लगभग 7,000 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। नई पाइपलाइनें तैयार होने के बाद देश में LPG की लंबी दूरी तक ढुलाई आसान होगी और सड़क परिवहन पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी।

इन परियोजनाओं का सीधा फायदा तेलंगाना, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, कर्नाटक और गोवा को मिलने की उम्मीद है। तीनों परियोजनाओं को सरकारी कंपनी गेल (इंडिया) लिमिटेड विकसित करेगी। इनके पूरा होने के बाद देश का PNGRB-अधिकृत कॉमन-कैरियर LPG पाइपलाइन नेटवर्क करीब 7,700 किलोमीटर से बढ़कर लगभग 9,500 किलोमीटर हो जाएगा।

तीन प्रमुख रूट पर बनेगी पाइपलाइन

PNGRB की मंजूरी के तहत तीन प्रमुख LPG पाइपलाइन परियोजनाएं विकसित की जाएंगी। पहली पाइपलाइन 556 किलोमीटर लंबी चेरलापल्ली (तेलंगाना)-नागपुर (महाराष्ट्र) के बीच बनाई जाएगी।

दूसरी परियोजना 611 किलोमीटर लंबी झांसी (उत्तर प्रदेश)-सितारगंज (उत्तराखंड) LPG पाइपलाइन की है। वहीं तीसरी और सबसे लंबी परियोजना 633 किलोमीटर की होगी, जो शिकरापुर (महाराष्ट्र) से गोवा और हुबली (कर्नाटक) को जोड़ेगी।

इन पाइपलाइनों के जरिए LPG को बड़े भंडारण और खपत केंद्रों तक ज्यादा व्यवस्थित तरीके से पहुंचाया जा सकेगा।

सड़क परिवहन पर घटेगी निर्भरता

भारत में LPG का एक बड़ा हिस्सा समुद्री रास्ते से आयात होकर तटीय टर्मिनलों तक पहुंचता है। इसके बाद इसे देश के अलग-अलग हिस्सों में पहुंचाने के लिए बड़ी संख्या में LPG टैंकरों का इस्तेमाल किया जाता है। लंबी दूरी तक सड़क मार्ग से LPG पहुंचाने में समय और परिवहन लागत दोनों बढ़ते हैं।

नई पाइपलाइन परियोजनाओं से लंबी दूरी तक LPG टैंकरों की आवाजाही कम हो सकती है। इससे सड़कों पर भारी वाहनों का दबाव घटने के साथ ट्रैफिक और सड़क दुर्घटनाओं के जोखिम को कम करने में भी मदद मिल सकती है। इसके अलावा परिवहन से होने वाले कार्बन उत्सर्जन में कमी आने की उम्मीद है।

LPG सप्लाई होगी ज्यादा मजबूत

भारत अपनी LPG जरूरत का एक महत्वपूर्ण हिस्सा आयात के जरिए पूरा करता है। ऐसे में देश के अंदर मजबूत और भरोसेमंद परिवहन नेटवर्क बेहद जरूरी है। नई पाइपलाइनें तटीय आयात केंद्रों को प्रमुख खपत वाले क्षेत्रों से जोड़ेंगी, जिससे LPG की सप्लाई को ज्यादा स्थिर बनाया जा सकेगा।

नई व्यवस्था का एक फायदा यह भी होगा कि पाइपलाइन नेटवर्क में मौजूद LPG जरूरत पड़ने पर बफर के रूप में काम कर सकती है। किसी आपात स्थिति या सप्लाई में अचानक बाधा आने पर इससे व्यवस्था को संभालने में मदद मिल सकती है।

करीब 24 फीसदी बढ़ेगा नेटवर्क

इन नई परियोजनाओं के पूरा होने के बाद देश के LPG पाइपलाइन नेटवर्क में करीब 24 फीसदी की वृद्धि होने का अनुमान है। इससे LPG की ढुलाई ज्यादा सुरक्षित, कुशल और व्यवस्थित बनाने में मदद मिलेगी। साथ ही बढ़ती घरेलू और औद्योगिक मांग को पूरा करने के लिए देश की LPG सप्लाई चेन को भी मजबूती मिलेगी।

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