22 Aug 2026, Sat

20 दिन में चांदी हुई ₹32 हजार महंगी, सोने की रफ्तार ने भी बढ़ाई टेंशन! जानिए अगस्त में कितना महंगा हुआ Gold?

नई दिल्ली। अगस्त का महीना सोने और चांदी में निवेश करने वालों के लिए बेहद खास साबित हो रहा है। भारतीय बाजार में दोनों कीमती धातुओं की कीमतों में जबरदस्त तेजी देखने को मिल रही है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोना और चांदी लगातार नए ऊंचे स्तर की ओर बढ़ रहे हैं। खास बात यह है कि अगस्त की शुरुआत से महज करीब 20 दिनों में चांदी की कीमत में 32 हजार रुपये प्रति किलोग्राम से ज्यादा का उछाल आया है, जबकि सोना करीब 20 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम महंगा हुआ है।

कीमती धातुओं में आई इस तेजी ने निवेशकों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। वहीं, आम लोगों के लिए सोना और चांदी खरीदना पहले की तुलना में काफी महंगा हो गया है।

MCX पर सोना ₹1.62 लाख के पार

21 अगस्त को MCX पर सोने का वायदा भाव 1.62 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर को पार कर गया। वहीं, 3 अगस्त को सोना करीब 1.42 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास कारोबार कर रहा था। इस तरह करीब 20 दिनों में सोने की कीमत में लगभग 20 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम की तेजी आई है।

सोने की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी से निवेशकों को जहां अच्छा रिटर्न मिलने की उम्मीद बढ़ी है, वहीं ज्वेलरी खरीदने वाले ग्राहकों की जेब पर इसका सीधा असर पड़ रहा है। शादी-ब्याह और त्योहारों के सीजन में सोने की मांग बढ़ने की संभावना के बीच इसकी ऊंची कीमतें खरीदारों के लिए चिंता का विषय बन सकती हैं।

चांदी ने मारी सबसे बड़ी छलांग

सोने के मुकाबले चांदी की कीमतों में और भी तेज उछाल देखने को मिला है। 21 अगस्त को MCX पर चांदी का वायदा भाव 2.46 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के पार पहुंच गया। 3 अगस्त को चांदी करीब 2.14 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रही थी।

यानी सिर्फ करीब 20 दिनों में चांदी की कीमत में 32 हजार रुपये से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है। चांदी में आई इस तेजी ने निवेशकों के साथ-साथ औद्योगिक मांग और वैश्विक बाजार की गतिविधियों को लेकर भी बाजार का ध्यान खींचा है।

क्यों बढ़ रही हैं सोने-चांदी की कीमतें?

सोने और चांदी की कीमतों में तेजी के पीछे अंतरराष्ट्रीय बाजार में मजबूत मांग और अमेरिकी आर्थिक नीतियों को अहम वजह माना जा रहा है। ग्लोबल मार्केट में हाजिर सोना 4,600.91 डॉलर प्रति औंस के रिकॉर्ड स्तर के आसपास कारोबार कर रहा है।

अमेरिकी ट्रेजरी की ओर से लंबी अवधि की सिक्योरिटीज के बायबैक को बढ़ाने के फैसले ने बॉन्ड यील्ड पर दबाव डाला है। साथ ही अमेरिकी डॉलर में कमजोरी से भी सोने और चांदी जैसी कीमती धातुओं को सपोर्ट मिला है। आमतौर पर डॉलर कमजोर होने पर अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों को मजबूती मिलती है।

अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट के मुताबिक, सरकारी सिक्योरिटीज के रीपरचेज को आगे और बढ़ाया जा सकता है। ऐसे में बाजार में सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने और चांदी की मांग मजबूत रहने की संभावना जताई जा रही है।

फिलहाल भारतीय बाजार में सोना और चांदी दोनों ही ऊंचे स्तर पर कारोबार कर रहे हैं। ऐसे में निवेशकों के लिए कीमतों में आगे होने वाले उतार-चढ़ाव पर नजर रखना जरूरी होगा।

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