29 Jun 2026, Mon

दुनिया के टॉप 10 पोर्ट में शामिल होगा वधावन बंदरगाह, जवाहर लाल नेहरू पोर्ट की तुलना में 3 गुना ज्यादा होगी क्षमता

Devendra Fadnavis ने कहा है कि महाराष्ट्र के पालघर जिले में प्रस्तावित Vadhavan Port भारत की विकास यात्रा का एक ऐतिहासिक अध्याय साबित होगा। मुख्यमंत्री के अनुसार, यह महत्वाकांक्षी परियोजना न केवल महाराष्ट्र बल्कि पूरे देश की अर्थव्यवस्था को आने वाले तीन दशकों तक नई गति प्रदान करेगी।

रविवार को पालघर जिले में विभिन्न बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने वधावन बंदरगाह परियोजना का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि यह परियोजना भारत के समुद्री व्यापार क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव लाएगी और देश को वैश्विक व्यापार के मानचित्र पर और अधिक मजबूत बनाएगी।

दुनिया के शीर्ष 10 बंदरगाहों में होगा शामिल

मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि वधावन पोर्ट क्षमता के मामले में Jawaharlal Nehru Port (जेएनपीटी) से लगभग तीन गुना अधिक कार्गो संभालने में सक्षम होगा। उन्होंने दावा किया कि यह बंदरगाह दुनिया के शीर्ष 10 बंदरगाहों में अपनी जगह बनाएगा।

उन्होंने कहा, “वधावन बंदरगाह महाराष्ट्र और देश की अर्थव्यवस्था को अगले 30 वर्षों तक नई दिशा देगा। यह भारत की विकास यात्रा का एक ऐतिहासिक अध्याय बनेगा।”

रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण है परियोजना

प्रस्तावित वधावन पोर्ट पालघर जिले के तट से लगभग 10 किलोमीटर समुद्र के भीतर विकसित किया जाएगा। इस क्षेत्र की सबसे बड़ी विशेषता यहां उपलब्ध 20 मीटर की प्राकृतिक समुद्री गहराई है, जो बड़े और आधुनिक मालवाहक जहाजों के संचालन के लिए उपयुक्त मानी जाती है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी प्राकृतिक गहराई होने से ड्रेजिंग पर होने वाला खर्च कम होगा और बंदरगाह की परिचालन क्षमता में भी बढ़ोतरी होगी।

भूमि अधिग्रहण का कार्य तेजी से जारी

मुख्यमंत्री ने बताया कि परियोजना के लिए आवश्यक भूमि का 30 से 40 प्रतिशत अधिग्रहण पूरा किया जा चुका है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार किसी भी प्रकार का जबरन भूमि अधिग्रहण नहीं करेगी।

फडणवीस ने कहा कि स्थानीय ग्रामीणों और मछुआरा समुदाय को विश्वास में लेकर पुनर्वास और पुनर्स्थापन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा। सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि विकास की इस प्रक्रिया में स्थानीय समुदाय की सक्रिय भागीदारी हो और उनके हितों की पूरी तरह रक्षा की जाए।

10 लाख रोजगार सृजित होने की उम्मीद

मुख्यमंत्री ने कहा कि वधावन बंदरगाह परियोजना से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगभग 10 लाख रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है। इससे न केवल पालघर क्षेत्र का आर्थिक विकास होगा, बल्कि राज्य के अन्य हिस्सों में भी औद्योगिक और व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि बंदरगाह के संचालन से लॉजिस्टिक्स, परिवहन, वेयरहाउसिंग, शिपिंग और सहायक उद्योगों में बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे।

76,220 करोड़ रुपये की लागत से होगा निर्माण

वधावन बंदरगाह परियोजना देश की सबसे बड़ी समुद्री अवसंरचना परियोजनाओं में से एक मानी जा रही है। इस परियोजना की अनुमानित लागत लगभग 76,220 करोड़ रुपये है।

प्रस्तावित बंदरगाह की वार्षिक क्षमता लगभग 298 मिलियन मीट्रिक टन (एमएमटी) होगी। इसके अलावा इसमें लगभग 23.2 मिलियन टीईयू (ट्वेंटी-फुट इक्विवेलेंट यूनिट) कंटेनरों को संभालने की क्षमता भी होगी, जो इसे भारत के सबसे बड़े कंटेनर हैंडलिंग बंदरगाहों में शामिल करेगी।

मुख्यमंत्री ने इस दौरान बोईसर में निर्माणाधीन बुलेट ट्रेन स्टेशन का भी निरीक्षण किया और कहा कि परियोजना का काम तय समयसीमा के अनुसार चल रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि स्टेशन का निर्माण दिसंबर 2027 तक पूरा हो जाएगा।

वधावन पोर्ट परियोजना को भारत के समुद्री व्यापार और निर्यात क्षमता को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे देश की आर्थिक प्रगति को नई गति मिलने की उम्मीद है।

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