मंडी: हिमाचल प्रदेश के मंडी संसदीय क्षेत्र में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक के दौरान बीजेपी सांसद कंगना रनौत अधिकारियों के कामकाज को लेकर काफी नाराज नजर आईं। बैठक में केंद्र प्रायोजित योजनाओं और सांसद निधि के तहत चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा की गई। इस दौरान फंड के इस्तेमाल में हो रही देरी को लेकर सांसद ने अधिकारियों से जवाब मांगा और काम में तेजी लाने के निर्देश दिए।
सांसद निधि के खर्च को लेकर उठाए सवाल
बैठक के दौरान कंगना रनौत ने सांसद निधि के तहत उपलब्ध राशि के इस्तेमाल की स्थिति पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि उनके सांसद फंड के तहत करीब 11 करोड़ रुपये उपलब्ध थे, लेकिन इनमें से सिर्फ लगभग 50 लाख रुपये ही खर्च किए गए हैं। सांसद ने अधिकारियों से पूछा कि इतनी बड़ी राशि उपलब्ध होने के बावजूद विकास कार्यों के लिए फंड का इस्तेमाल तेजी से क्यों नहीं किया जा रहा है।
उन्होंने अधिकारियों से फंड के खर्च की पूरी परफॉर्मेंस रिपोर्ट भी मांगी। कंगना ने कहा कि दिशा समिति की बैठकों में उन्हें लगातार यह बताया जाता रहा है कि फंड के इस्तेमाल में कोई बड़ी समस्या नहीं है और करीब 90 प्रतिशत राशि खर्च हो चुकी है। ऐसे में अब सामने आए आंकड़ों को लेकर उन्होंने अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा।
अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर नाराजगी
कंगना रनौत ने बैठक में अधिकारियों की कार्यशैली को लेकर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों को लेकर बार-बार सवाल उठाने के बावजूद जमीनी स्तर पर अपेक्षित तेजी दिखाई नहीं दे रही है। उन्होंने ब्लॉक डेवलपमेंट अधिकारियों से भी फंड के इस्तेमाल और लंबित कार्यों की जानकारी मांगी।
सांसद ने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि सरकारी योजनाओं और सांसद निधि का पैसा जनता के विकास के लिए है। इसलिए इसे समय पर और सही तरीके से इस्तेमाल किया जाना चाहिए। उन्होंने काम में अनावश्यक देरी को लेकर जवाबदेही तय करने पर भी जोर दिया।
नकारात्मक प्रचार को लेकर भी जताई चिंता
बैठक के दौरान कंगना ने कहा कि उनके कार्यालय की ओर से दिए गए निर्देशों और विकास कार्यों को लेकर भी कई बार समस्याएं सामने आती हैं। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि यदि समय पर काम नहीं होगा तो इसका असर उनकी छवि पर भी पड़ता है और जनता के बीच गलत संदेश जाता है।
उन्होंने सोशल मीडिया पर बन रही रील्स और हो रहे नकारात्मक प्रचार का भी जिक्र किया। कंगना ने कहा कि इस तरह की स्थिति से उनकी सार्वजनिक तौर पर आलोचना होती है और उन्हें शर्मिंदगी का सामना करना पड़ता है।
काम में तेजी लाने की दी हिदायत
कंगना रनौत ने अधिकारियों से साफ शब्दों में कहा कि विकास कार्यों को लेकर सिर्फ आश्वासन देने के बजाय जमीन पर काम दिखाई देना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को अपनी कार्यप्रणाली में सुधार करने और लंबित विकास योजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाने की हिदायत दी।
दिशा समिति की बैठक में सांसद ने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में फंड के इस्तेमाल और विकास कार्यों की प्रगति की नियमित समीक्षा की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों से पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ काम करने पर जोर दिया, ताकि उपलब्ध सरकारी राशि का लाभ समय पर आम लोगों तक पहुंच सके।

