5 Aug 2026, Wed

तमिलनाडु में बनेगा भारत का पहला AI सिटी ‘अरीवगम’, बजट में 5 करोड़ रुपये आवंटित

तमिलनाडु की नई TVK सरकार ने अपने पहले बजट में एक महत्वाकांक्षी तकनीकी परियोजना की घोषणा की है। मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय (थलपति विजय) की सरकार ने भारत का पहला AI सिटी ‘अरीवगम’ विकसित करने का ऐलान किया है। इस परियोजना के लिए प्रारंभिक रूप से 5 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। सरकार की योजना इस विशेष एआई शहर को चेन्नई के पास विकसित करने की है, ताकि इसे कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), क्वांटम टेक्नोलॉजी और उन्नत तकनीकी अनुसंधान का प्रमुख केंद्र बनाया जा सके।

तमिलनाडु विधानसभा में बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री डॉ. एन. मैरी विल्सन ने कहा कि राज्य सरकार तकनीक आधारित अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने और युवाओं को भविष्य की नौकरियों के लिए तैयार करने पर विशेष ध्यान दे रही है। उन्होंने बताया कि AI सिटी ‘अरीवगम’ राज्य की दीर्घकालिक तकनीकी और औद्योगिक विकास रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा होगा।

‘अरीवगम’ का क्या होगा स्वरूप?

सरकार के अनुसार, ‘अरीवगम’ को एक विशेष तकनीकी टाउनशिप के रूप में विकसित किया जाएगा। तमिल भाषा में ‘अरीवगम’ का अर्थ ‘नॉलेज सिटी’ (ज्ञान नगरी) होता है। इस परियोजना का उद्देश्य एआई अनुसंधान, शिक्षा, नवाचार और उद्योग को एक ही स्थान पर विकसित करना है।

प्रस्तावित AI सिटी में कई अत्याधुनिक संस्थान स्थापित किए जाएंगे, जिनमें शामिल हैं:

  • AI यूनिवर्सिटी
  • इंटरनेशनल स्किल डेवलपमेंट सेंटर
  • सेमीकंडक्टर टेस्टिंग लैब
  • AI और क्वांटम टेक्नोलॉजी रिसर्च सेंटर
  • इनोवेशन और स्टार्टअप हब

सरकार का लक्ष्य इस पूरे क्षेत्र को AI और क्वांटम अनुसंधान का एकीकृत केंद्र (Integrated Technology Hub) बनाना है।

चेन्नई के पास होगी स्थापना

AI सिटी के लिए स्थान चयन की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है। हाल ही में तमिलनाडु के आईटी और एआई मंत्री आर. कुमार ने एक कार्यक्रम में कहा था कि सरकार चेन्नई के आसपास उपयुक्त स्थान की पहचान कर रही है। राजधानी के निकट इस परियोजना को विकसित करने का उद्देश्य उद्योग, शिक्षा संस्थानों और तकनीकी कंपनियों के साथ बेहतर संपर्क स्थापित करना है।

2031 तक 5 लाख छात्रों को AI प्रशिक्षण

विजय सरकार के पहले बजट का मुख्य फोकस कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित कौशल विकास पर भी रहा। वित्त मंत्री ने घोषणा की कि राज्य सरकार 2031 तक 5 लाख छात्रों को AI स्किल ट्रेनिंग प्रदान करेगी।

इसके लिए राज्य के:

  • इंजीनियरिंग कॉलेज,
  • पॉलिटेक्निक संस्थान,
  • इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (ITI)

को AI और उभरती प्रौद्योगिकियों से संबंधित प्रशिक्षण कार्यक्रमों से जोड़ा जाएगा।

सरकार का मानना है कि AI आधारित कौशल विकास से युवाओं की रोजगार क्षमता बढ़ेगी और तमिलनाडु को देश के प्रमुख तकनीकी राज्यों में शामिल करने में मदद मिलेगी।

तकनीकी निवेश को मिलेगा बढ़ावा

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि AI सिटी ‘अरीवगम’ की योजना सफलतापूर्वक लागू होती है, तो इससे AI, सेमीकंडक्टर, क्वांटम कंप्यूटिंग, डेटा साइंस और डीप टेक स्टार्टअप्स को बड़ा प्रोत्साहन मिल सकता है। यह परियोजना घरेलू और विदेशी तकनीकी निवेश आकर्षित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

फिलहाल सरकार ने परियोजना के लिए 5 करोड़ रुपये का प्रारंभिक आवंटन किया है, जिसे योजना निर्माण, स्थान चयन और प्रारंभिक विकास कार्यों के लिए उपयोग किए जाने की संभावना है। आने वाले वर्षों में इस परियोजना के लिए अतिरिक्त बजटीय प्रावधान किए जा सकते हैं।

तमिलनाडु सरकार का यह कदम राज्य को AI और उन्नत तकनीकी नवाचार का राष्ट्रीय केंद्र बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

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