उत्तर प्रदेश सरकार राज्य के बुनियादी ढांचे को और मजबूत बनाने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। कानून व्यवस्था, निवेश और पर्यटन के क्षेत्र में लगातार प्रगति करने के बाद अब राज्य सरकार इंफ्रास्ट्रक्चर नेटवर्क को और अधिक आधुनिक और बेहतर बनाने पर विशेष जोर दे रही है। इसी कड़ी में अब सरकार नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट और गंगा एक्सप्रेसवे को आपस में जोड़ने की महत्वाकांक्षी योजना पर काम कर रही है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, राज्य सरकार जेवर-गंगा लिंक एक्सप्रेसवे के निर्माण की तैयारी कर रही है। इस परियोजना की अनुमानित लागत करीब 4,000 करोड़ रुपये बताई जा रही है। यह नया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों को सीधे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से जोड़ेगा, जिससे क्षेत्र में यातायात व्यवस्था और आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलने की उम्मीद है।
74.3 किलोमीटर लंबा होगा एक्सप्रेसवे
प्रस्तावित जेवर-गंगा लिंक एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई लगभग 74.3 किलोमीटर होगी। यह एक्सप्रेसवे बुलंदशहर से शुरू होकर जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट और यमुना एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा। परियोजना को ग्रीनफील्ड मॉडल पर विकसित किया जाएगा, यानी इसके लिए पूरी तरह नया मार्ग तैयार किया जाएगा।
सरकार की योजना के अनुसार, शुरुआत में इस एक्सप्रेसवे का निर्माण 6 लेन के रूप में किया जाएगा। भविष्य में यातायात का दबाव बढ़ने पर इसे 8 लेन तक विस्तारित किया जा सकेगा।
बुलंदशहर से एयरपोर्ट तक सिर्फ 20 मिनट का सफर
इस एक्सप्रेसवे के बनने के बाद बुलंदशहर से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक की यात्रा काफी आसान हो जाएगी। वर्तमान में जहां लोगों को एयरपोर्ट तक पहुंचने में काफी समय लगता है, वहीं नए लिंक एक्सप्रेसवे के निर्माण के बाद यह दूरी महज 20 मिनट में तय की जा सकेगी।
इससे न केवल यात्रा का समय कम होगा, बल्कि लोगों को ट्रैफिक जाम से भी राहत मिलेगी।
997 हेक्टेयर भूमि का होगा अधिग्रहण
परियोजना को पूरा करने के लिए बड़े पैमाने पर भूमि अधिग्रहण की आवश्यकता होगी। रिपोर्ट्स के अनुसार, एक्सप्रेसवे निर्माण के लिए करीब 997 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा। इसके लिए राज्य सरकार लगभग 1,500 करोड़ रुपये खर्च करेगी।
यह एक्सप्रेसवे बुलंदशहर जिले की पांच तहसीलों से होकर गुजरेगा। प्रशासन जल्द ही भूमि अधिग्रहण और अन्य आवश्यक प्रक्रियाओं को पूरा करने की दिशा में कदम बढ़ा सकता है।
हापुड़ और मेरठ के लोगों को भी मिलेगा लाभ
इस परियोजना का लाभ सिर्फ बुलंदशहर के निवासियों तक सीमित नहीं रहेगा। हापुड़, मेरठ और आसपास के अन्य जिलों के लोगों को भी इसका सीधा फायदा मिलेगा। नया लिंक एक्सप्रेसवे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लोगों के लिए नोएडा एयरपोर्ट तक पहुंच को आसान बनाएगा और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूत करेगा।
इसके अलावा, बेहतर सड़क संपर्क से व्यापार, लॉजिस्टिक्स और औद्योगिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
पश्चिमी यूपी के विकास में निभाएगा अहम भूमिका
उत्तर प्रदेश सरकार नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को राज्य के विकास का प्रमुख केंद्र मान रही है। सरकार का लक्ष्य इस एयरपोर्ट को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से बेहतर सड़क और परिवहन नेटवर्क के जरिए जोड़ना है, ताकि क्षेत्र में निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ाए जा सकें।
हाल ही में गंगा एक्सप्रेसवे के संचालन और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से वाणिज्यिक उड़ानों की शुरुआत के बाद अब जेवर-गंगा लिंक एक्सप्रेसवे परियोजना को भी विकास की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस परियोजना के पूरा होने के बाद पश्चिमी उत्तर प्रदेश में आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी और क्षेत्र राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर कनेक्टिविटी से जुड़ सकेगा।

