29 Jun 2026, Mon

ईरान से सस्ता तेल और गैस खरीदने की प्लानिंग में पाकिस्तान, 60 दिनों की छूट का पूरा फायदा उठाने की कोशिशें तेज

ऊर्जा संकट से जूझ रहे पाकिस्तान ने ईरान से सस्ता तेल और प्राकृतिक गैस आयात करने की संभावना पर विचार शुरू कर दिया है। पाकिस्तान सरकार का मानना है कि यदि ईरान से रियायती दरों पर ऊर्जा आयात संभव होता है, तो इससे देश में बढ़ती ईंधन कीमतों और गैस संकट से राहत मिल सकती है। यह कदम ऐसे समय पर सामने आया है जब अमेरिका ने ईरानी तेल निर्यात पर लगाए गए कुछ प्रतिबंधों में अस्थायी ढील देते हुए 60 दिनों की छूट प्रदान की है।

पाकिस्तान के पेट्रोलियम मामलों के संघीय मंत्री Ali Pervaiz Malik ने रविवार को लाहौर में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि सरकार ईरान से सस्ता तेल और गैस खरीदने के विकल्प पर गंभीरता से विचार कर रही है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय समझौतों और अपने वैश्विक दायित्वों का पूरी तरह पालन करेगा।

मंत्री ने कहा, “हम ईरान से सस्ता तेल और गैस आयात करने की संभावनाओं का अध्ययन कर रहे हैं। लेकिन कोई भी फैसला अंतरराष्ट्रीय कानूनों और प्रतिबंधों को ध्यान में रखते हुए ही लिया जाएगा।”

अमेरिका ने दी 60 दिनों की छूट

हाल ही में अमेरिका ने ईरान को सीमित अवधि के लिए कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात की अनुमति देने हेतु 60 दिनों की अस्थायी छूट प्रदान की है। यह छूट अमेरिका और ईरान के बीच चल रही कूटनीतिक वार्ताओं का हिस्सा मानी जा रही है। अमेरिकी ट्रेजरी विभाग के अनुसार, यह छूट 21 अगस्त 2026 तक प्रभावी रहेगी और इसके बाद स्थिति की समीक्षा की जाएगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिकी प्रतिबंधों में मिली इस अस्थायी राहत के बाद ईरान एशियाई देशों, विशेषकर पाकिस्तान, भारत और चीन जैसे बड़े ऊर्जा उपभोक्ताओं के साथ अपने व्यापारिक संबंधों को फिर से मजबूत करने की कोशिश कर रहा है।

पाकिस्तान में गंभीर गैस संकट

पाकिस्तान लंबे समय से ऊर्जा संकट का सामना कर रहा है। देश के कई हिस्सों में प्राकृतिक गैस की भारी कमी बनी हुई है। विशेष रूप से पंजाब प्रांत में उपभोक्ताओं को दिन में केवल कुछ घंटों के लिए ही गैस उपलब्ध कराई जा रही है।

अर्थशास्त्री महमूद रसूल के अनुसार, गैस की कमी के कारण घरेलू उपभोक्ताओं और उद्योगों दोनों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि यदि पाकिस्तान को ईरान से रियायती दरों पर गैस मिलती है, तो इससे देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में काफी मदद मिल सकती है।

कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट का लाभ

पेट्रोलियम मंत्री अली परवेज मलिक ने दावा किया कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट का लाभ सरकार आम जनता तक पहुंचा रही है। उन्होंने कहा कि यदि वैश्विक बाजार में तेल की कीमतें और नीचे आती हैं, तो घरेलू बाजार में भी ईंधन की कीमतों में और कटौती की जाएगी।

गौरतलब है कि अमेरिका-ईरान तनाव के चरम पर पहुंचने के दौरान पाकिस्तान में पेट्रोल की कीमतें बढ़कर 414 पाकिस्तानी रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गई थीं। फिलहाल देश में पेट्रोल की कीमत लगभग 300 पाकिस्तानी रुपये प्रति लीटर के आसपास है।

विशेषज्ञों का कहना है कि यदि पाकिस्तान और ईरान के बीच ऊर्जा आयात को लेकर कोई समझौता होता है, तो इससे न केवल पाकिस्तान की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी, बल्कि देश की आर्थिक स्थिति को भी राहत मिल सकती है। हालांकि, इस दिशा में आगे बढ़ने से पहले पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों और कूटनीतिक समीकरणों को संतुलित करना होगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *