शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव: शुरुआती बढ़त के बाद सेंसेक्स-निफ्टी में गिरावट, वैश्विक संकेतों का असर
नई दिल्ली: सप्ताह के पहले कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार में अस्थिरता देखने को मिली। सुबह के शुरुआती सत्र में मजबूती के साथ खुलने के बाद बाजार ने अपनी बढ़त गंवा दी और गिरावट के साथ कारोबार करने लगा। वैश्विक संकेतों और पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव का असर बाजार पर साफ नजर आया।
सुबह करीब 9:44 बजे BSE Sensex 33.21 अंकों की गिरावट के साथ 78,460.33 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। वहीं NSE Nifty 50 भी 37.65 अंक टूटकर 24,315.90 पर आ गया। इससे पहले शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 236 अंकों से ज्यादा उछलकर 78,730 के स्तर तक पहुंच गया था, जबकि निफ्टी 24,420 के करीब ट्रेड कर रहा था।
बाजार में इस गिरावट के पीछे अंतरराष्ट्रीय कारक अहम भूमिका निभा रहे हैं। खासतौर पर Strait of Hormuz को लेकर बढ़ती अनिश्चितता ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। इस क्षेत्र में तनाव बढ़ने से कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है, जिसका सीधा असर भारतीय बाजार पर पड़ता है।
सेक्टोरल प्रदर्शन की बात करें तो पूंजीगत वस्तुएं, मीडिया, PSU बैंक और बिजली सेक्टर में 0.5% से 1% तक की बढ़त दर्ज की गई। वहीं, निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 0.5% और स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.2% की बढ़त देखने को मिली, जो बाजार में चुनिंदा खरीदारी का संकेत देती है।
टॉप गेनर्स में ICICI Bank, Trent Ltd, Adani Enterprises और Larsen & Toubro शामिल रहे। वहीं नुकसान उठाने वाले शेयरों में Jio Financial Services, Bajaj Finance, Bajaj Finserv, Bharat Electronics और Bajaj Auto प्रमुख रहे।
मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि मौजूदा समय में बाजार पर बाहरी कारकों का दबाव ज्यादा है। जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के मुख्य निवेश रणनीतिकार V K Vijayakumar के अनुसार, पश्चिम एशिया में जारी तनाव के चलते बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। वहीं, विशेषज्ञ हरिप्रसाद का कहना है कि होर्मुज़ जलडमरूमध्य से जुड़े घटनाक्रम के कारण कच्चे तेल की आपूर्ति और महंगाई को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं।
इस बीच, विदेशी मुद्रा बाजार से कुछ राहत भरी खबर आई है। भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले मजबूत हुआ है। इंटरबैंक फॉरेन एक्सचेंज मार्केट में रुपया 13 पैसे की बढ़त के साथ 92.78 के स्तर पर पहुंच गया। इससे पहले यह 92.73 पर खुला और शुरुआती कारोबार में 92.70 तक मजबूत हुआ।
विश्लेषकों का मानना है कि कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और Reserve Bank of India (RBI) के कदमों ने रुपये को सहारा दिया है। हालांकि, पश्चिम एशिया में जारी तनाव के चलते निवेशक सतर्क बने हुए हैं और बड़ी तेजी की संभावना फिलहाल सीमित मानी जा रही है।
कुल मिलाकर, शेयर बाजार में फिलहाल अस्थिरता का दौर जारी है। निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे वैश्विक घटनाक्रमों पर नजर बनाए रखें और सोच-समझकर निवेश के फैसले लें।

