पश्चिम बंगाल में राजनीतिक तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है, जहां भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी के पीए चंद्रनाथ रथ की हत्या के बाद माहौल काफी गरम हो गया है। इस घटना ने न सिर्फ कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि राज्य की सियासत को भी पूरी तरह से हिला दिया है।
घटना के बाद भारतीय जनता पार्टी ने सीधे तौर पर राज्य सरकार और तृणमूल कांग्रेस (TMC) पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी नेताओं का कहना है कि इस हत्या के पीछे एक बड़ी राजनीतिक साजिश हो सकती है और इसमें मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए। हालांकि, इन आरोपों पर टीएमसी की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
इस बीच हत्या से जुड़े नए CCTV फुटेज ने मामले को और भी संवेदनशील बना दिया है। फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि घटना से कुछ ही मिनट पहले एक स्कॉर्पियो वाहन इलाके से गुजरता है, जिसमें चंद्रनाथ रथ मौजूद थे। इसके तुरंत बाद दो बाइक और एक स्कूटी दिखाई देती है, जो संदिग्ध रूप से उस वाहन का पीछा करती नजर आती हैं। कुछ ही सेकंड बाद एक और बाइक भी उसी दिशा में जाती दिखाई देती है। पुलिस इन सभी वाहनों और संदिग्धों की पहचान में जुटी हुई है।
जानकारी के अनुसार, चंद्रनाथ रथ की स्कॉर्पियो में आगे की सीट पर बैठे हुए थे और उसी दौरान उन्हें गोली मारी गई। बताया जा रहा है कि उनके शरीर के सीने और कंधे में गोलियां लगीं, जिससे उनकी हालत गंभीर हो गई। घटना स्थल उनके घर से महज 150 मीटर की दूरी पर था, जिससे यह मामला और भी ज्यादा संदिग्ध और सुनियोजित प्रतीत हो रहा है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, गोली चलने की आवाज सुनकर आसपास के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे, जहां उन्होंने चंद्रनाथ रथ और उनके ड्राइवर को खून से लथपथ पाया। ड्राइवर को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज चल रहा है।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि हमलावरों ने घटना को बहुत ही योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दिया है। जिस जगह पर हमला हुआ, वह एक रिहायशी क्षेत्र के बेहद करीब है, जहां आमतौर पर सुरक्षा और आवाजाही बनी रहती है। इससे यह संभावना जताई जा रही है कि आरोपियों ने पहले से पूरी रेकी की हुई थी।
घटना के बाद राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। शुभेंदु अधिकारी ने इस हत्या को पूरी तरह राजनीतिक साजिश करार दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में कानून-व्यवस्था बिगड़ती जा रही है और विपक्षी नेताओं को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में माहौल को जानबूझकर अशांत किया जा रहा है।
इधर, इस घटना के विरोध में कई जगहों पर प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। भाजपा कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर उतरकर विरोध जताया और निष्पक्ष जांच की मांग की है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए SIT गठन की प्रक्रिया शुरू कर दी है और CCTV फुटेज के आधार पर आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई है।
फिलहाल, यह मामला राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर बड़ा मुद्दा बन गया है, और आने वाले दिनों में इसकी जांच और भी महत्वपूर्ण मोड़ ले सकती है।

