23 Jul 2026, Thu

राम मंदिर दान मामले में सुप्रीम कोर्ट ने जांच व्यवस्था पर खड़े किए सवाल, नई SIT बनाने का दिया सुझाव

राम मंदिर दान से जुड़े कथित गड़बड़ी मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार की जांच प्रक्रिया पर अहम सवाल उठाए हैं। अदालत ने संकेत दिया कि मामले की निष्पक्ष और व्यापक जांच सुनिश्चित करने के लिए नई विशेष जांच टीम (SIT) गठित की जा सकती है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि उसका उद्देश्य किसी भी तरह का राजनीतिक संदेश देना नहीं, बल्कि निष्पक्ष जांच के जरिए मामले को तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचाना है।

सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल ने अदालत को बताया कि पहले गठित SIT का कार्य केवल प्रारंभिक जांच करना था। इस टीम को यह तय करना था कि मामले में कोई संज्ञेय अपराध बनता है या नहीं। प्रारंभिक जांच के बाद SIT ने अपनी रिपोर्ट में अपराध के संकेत मिलने की बात कही, जिसके आधार पर एफआईआर दर्ज की गई। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मौजूदा SIT अब विस्तृत आपराधिक जांच नहीं कर रही है।

इस पर सुप्रीम कोर्ट ने पूछा कि क्या एफआईआर दर्ज होने के बाद मामले की जांच के लिए कोई नई SIT गठित की गई है। जब सरकार की ओर से बताया गया कि ऐसी कोई नई टीम नहीं बनाई गई है, तो अदालत ने सुझाव दिया कि अब पूरे मामले की जांच के लिए अलग SIT का गठन किया जाना चाहिए।

सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि पहले गठित SIT में लखनऊ के पुलिस आयुक्त, वित्त विभाग के विशेष सचिव और एक वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी शामिल थे। अदालत ने सुझाव दिया कि उसी वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी की अगुवाई में नई SIT गठित कर मामले की विस्तृत जांच कराई जाए, ताकि जांच प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष बनी रहे।

सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश (CJI) ने कहा कि अदालत इस मामले में बेहद सावधानी के साथ आगे बढ़ रही है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस पूरे मुद्दे का राजनीतिकरण नहीं होना चाहिए। अदालत का उद्देश्य केवल यह सुनिश्चित करना है कि जांच सही तरीके से पूरी हो और तथ्यों के आधार पर तार्किक निष्कर्ष सामने आए।

मुख्य न्यायाधीश ने सॉलिसिटर जनरल से कहा कि वे सुप्रीम कोर्ट के सुझाव पर उत्तर प्रदेश सरकार से निर्देश लेकर अगली सुनवाई में अदालत को अवगत कराएं। फिलहाल कोर्ट ने इस संबंध में कोई अंतिम आदेश जारी नहीं किया है।

अब इस मामले की अगली सुनवाई अगले सोमवार को होगी। माना जा रहा है कि उस दिन उत्तर प्रदेश सरकार अदालत को बताएगी कि नई SIT के गठन को लेकर उसका क्या रुख है और जांच आगे किस प्रकार बढ़ाई जाएगी।

राम मंदिर दान मामले को लेकर देशभर में पहले से चर्चा बनी हुई है। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट की यह टिप्पणी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। अदालत ने साफ कर दिया है कि जांच पूरी तरह कानून के दायरे में और बिना किसी राजनीतिक प्रभाव के होनी चाहिए। अब सभी की नजर अगली सुनवाई पर टिकी है, जहां इस मामले में आगे की दिशा तय हो सकती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *