उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में लगातार हो रही चोरी की घटनाओं का पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। कोतवाली क्षेत्र में सक्रिय एक ऐसे गैंग का पर्दाफाश हुआ है, जो खुद को पहचान से बचाने के लिए महिला का भेष बनाकर चोरी की वारदातों को अंजाम देता था।
पुलिस ने इस मामले में दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक आरोपी को पहले ही जेल भेजा जा चुका है। गिरफ्तार आरोपियों के पास से नकदी, मोबाइल फोन और चांदी के सिक्के बरामद किए गए हैं।
CCTV से बचने के लिए अपनाते थे अनोखा तरीका
पुलिस जांच में सामने आया है कि यह गैंग चोरी करते समय खुद को पहचान से बचाने के लिए महिला के कपड़े पहनकर वारदात को अंजाम देता था। उनका मकसद सीसीटीवी कैमरों और स्थानीय लोगों की नजरों से बचना था।
इस तरह की चालाकी के चलते कई दिनों तक पुलिस के लिए इन चोरियों का सुराग खोजना चुनौती बना हुआ था।
पुलिस ने दो आरोपियों को किया गिरफ्तार
गोरखपुर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए इमरान उर्फ रियासत और राशिद खान को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों से पूछताछ में कई अहम जानकारियां सामने आई हैं।
पुलिस के अनुसार, राशिद खान ई-रिक्शा चालक है, जो गैंग के सदस्यों को वारदात स्थल तक पहुंचाने और वहां से वापस लाने का काम करता था।
मास्टरमाइंड पहले ही हो चुका है गिरफ्तार
जांच में यह भी पता चला है कि इस गैंग को महिला का भेष अपनाकर चोरी करने का आइडिया अरबाज नाम के आरोपी ने दिया था। वही मुख्य रूप से चोरी की योजना बनाता था और खुद भी महिलाओं के कपड़े पहनकर वारदात को अंजाम देता था।
पुलिस पहले ही अरबाज को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।
पुलिस की बड़ी कामयाबी
पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह कार्रवाई गोरखपुर में बढ़ रही चोरी की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए की गई एक बड़ी सफलता है। लगातार हो रही वारदातों से स्थानीय लोगों में डर का माहौल था, जिसे अब इस गिरफ्तारी के बाद कुछ हद तक राहत मिली है।
जांच जारी
पुलिस अब इस गैंग के अन्य संभावित सदस्यों और उनके नेटवर्क की जांच कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस गिरोह ने अब तक कितनी वारदातों को अंजाम दिया है।
निष्कर्ष
गोरखपुर पुलिस की इस कार्रवाई ने एक ऐसे अनोखे चोरी गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो पहचान छिपाने के लिए महिला भेष का सहारा लेता था। इस गिरफ्तारी से इलाके में फैले डर पर कुछ हद तक रोक लगने की उम्मीद जताई जा रही है।

