5 Aug 2026, Wed

आप भी बेसब्री से कर रहे हैं प्लास्टिक नोट का इंतजार? कब तक बाजार में आएगा, RBI गवर्नर ने दे दिया हिंट

भारत में पॉलिमर यानी प्लास्टिक के नोटों को लेकर लंबे समय से चर्चा चल रही है। अब इस मामले में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बड़ा संकेत दिया है। उन्होंने कहा कि आरबीआई अगले वित्त वर्ष की शुरुआत में पॉलिमर नोट जारी करने की तैयारी कर रहा है। यदि सभी योजनाएं तय समय के अनुसार आगे बढ़ती हैं, तो अप्रैल-मई 2027 के आसपास प्लास्टिक के नोट चलन में आ सकते हैं।

आरबीआई गवर्नर ने यह जानकारी मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) के फैसलों की घोषणा के बाद मीडिया से बातचीत के दौरान दी। इससे यह साफ हो गया है कि प्लास्टिक नोटों का इंतजार कर रहे लोगों को अभी कुछ और समय इंतजार करना होगा।

क्या होते हैं पॉलिमर नोट?

पॉलिमर नोट सामान्य कागज के बजाय एक विशेष प्रकार की सिंथेटिक प्लास्टिक फिल्म से बनाए जाते हैं। यह सामग्री मजबूत, लचीली और टिकाऊ होती है। इसी प्लास्टिक फिल्म पर नोट की छपाई की जाती है।

इन नोटों की सबसे बड़ी खासियत यह है कि ये कागजी नोटों की तुलना में कहीं अधिक लंबे समय तक चलते हैं। ये जल्दी फटते नहीं हैं, पानी और नमी से कम प्रभावित होते हैं तथा बार-बार इस्तेमाल के बाद भी अपेक्षाकृत बेहतर स्थिति में बने रहते हैं।

30 साल तक चलने का रिकॉर्ड

संजय मल्होत्रा ने बताया कि दुनिया के कई देशों में पॉलिमर नोटों का सफलतापूर्वक इस्तेमाल किया जा रहा है। कुछ देशों में इन नोटों के 30 वर्षों से अधिक समय तक चलने का रिकॉर्ड भी दर्ज है।

उन्होंने कहा कि भारत में भी ये नोट खासकर कम मूल्य वर्ग के नोटों के लिए अधिक उपयोगी हो सकते हैं, क्योंकि 10 और 20 रुपये जैसे नोटों का दैनिक लेन-देन में सबसे अधिक इस्तेमाल होता है।

10 और 20 रुपये के नोटों से होगी शुरुआत

केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने हाल ही में लोकसभा में बताया था कि वित्त मंत्रालय ने RBI के 10 रुपये और 20 रुपये के पॉलिमर नोटों के फील्ड ट्रायल को मंजूरी दे दी है।

पायलट प्रोजेक्ट के तहत 10 रुपये और 20 रुपये के 100-100 करोड़ पॉलिमर नोट छापे जाएंगे। इन नोटों को सीमित स्तर पर बाजार में जारी किया जाएगा ताकि यह आकलन किया जा सके कि भारतीय उपभोक्ता और कारोबारी इन्हें किस तरह स्वीकार करते हैं।

ट्रायल के बाद होगा बड़ा फैसला

आरबीआई पहले इन नोटों का फील्ड ट्रायल करेगा। इस दौरान नोटों की टिकाऊ क्षमता, सुरक्षा विशेषताएं, नकली नोटों से सुरक्षा, मशीनों में उनकी कार्यक्षमता और आम जनता की प्रतिक्रिया का अध्ययन किया जाएगा।

यदि ट्रायल सफल रहता है, तो सरकार और आरबीआई प्लास्टिक नोटों को बड़े पैमाने पर जारी करने पर विचार करेंगे

क्या होंगे फायदे?

पॉलिमर नोटों के कई संभावित फायदे माने जा रहे हैं:

  • लंबे समय तक टिकाऊ रहेंगे
  • जल्दी फटेंगे या खराब नहीं होंगे
  • पानी और नमी से कम प्रभावित होंगे
  • नकली नोटों पर रोक लगाने में मदद मिल सकती है
  • बार-बार नोट छापने की लागत में कमी आ सकती है

अगले साल शुरू हो सकता है नया दौर

आरबीआई गवर्नर के बयान के बाद यह माना जा रहा है कि भारत में 2027 की शुरुआत से पॉलिमर नोटों का नया दौर शुरू हो सकता है

हालांकि शुरुआत केवल 10 और 20 रुपये के नोटों से होने की संभावना है, लेकिन ट्रायल सफल होने पर भविष्य में अन्य मूल्यवर्ग के नोट भी पॉलिमर सामग्री में जारी किए जा सकते हैं। इससे भारतीय मुद्रा व्यवस्था में एक बड़ा तकनीकी बदलाव देखने को मिल सकता है।

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