30 Apr 2026, Thu

मुज्तबा खामेनेई का ट्रंप को जवाब, कहा- ‘ईरान करेगा परमाणु और मिसाइल क्षमताओं की रक्षा

मुज्तबा खामेनेई का बयान: ईरान अपनी परमाणु और मिसाइल क्षमताओं को बताएगा ‘राष्ट्रीय संपत्ति’, अमेरिका को खुली चेतावनी

दुबई: ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के उत्तराधिकारी माने जा रहे मुज्तबा खामेनेई का एक नया बयान सामने आया है, जिसे ईरानी सरकारी टेलीविजन पर पढ़कर प्रसारित किया गया। इस बयान में उन्होंने ईरान की परमाणु और मिसाइल क्षमताओं को “राष्ट्रीय संपत्ति” बताते हुए इन्हें किसी भी स्थिति में सुरक्षित रखने की बात कही है।

मुज्तबा खामेनेई 28 फरवरी के कथित हवाई हमले के बाद से सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए हैं, जिसमें उनके पिता समेत ईरान के कई वरिष्ठ नेताओं की मौत की खबरें सामने आई थीं। हालांकि, अब उनके नाम से जारी बयानों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई बहस को जन्म दे दिया है।

परमाणु और मिसाइल क्षमता पर सख्त रुख

बयान में कहा गया है कि ईरान के अंदर और बाहर रहने वाले करोड़ों ईरानी नागरिक देश की वैज्ञानिक, तकनीकी और सैन्य क्षमताओं को राष्ट्रीय संपत्ति मानते हैं। इसमें स्पष्ट रूप से नैनोटेक्नोलॉजी, बायोटेक्नोलॉजी, परमाणु तकनीक और मिसाइल कार्यक्रम का जिक्र किया गया।

मुज्तबा खामेनेई के बयान के अनुसार, “ईरान इन सभी क्षमताओं की रक्षा उसी तरह करेगा जैसे वह अपने भू-भाग, समुद्री और हवाई क्षेत्र की रक्षा करता है।”

अमेरिका को सीधा संदेश

बयान में अमेरिका और पश्चिमी देशों पर भी परोक्ष रूप से निशाना साधा गया है। कहा गया है कि बाहरी ताकतें ईरान के संसाधनों और क्षमताओं पर नियंत्रण नहीं कर सकतीं। इसमें यह भी दावा किया गया कि फारस की खाड़ी क्षेत्र का भविष्य बिना विदेशी हस्तक्षेप के होगा और यह क्षेत्र स्थानीय देशों की प्रगति और समृद्धि के लिए आगे बढ़ेगा।

होर्मुज जलडमरूमध्य पर दावा

बयान में यह भी कहा गया कि होर्मुज जलडमरूमध्य अभी भी ईरान के पूर्ण नियंत्रण में है। उन्होंने यह दावा किया कि इस क्षेत्र में बाहरी शक्तियों की मौजूदगी अस्थायी है और भविष्य में उनका प्रभाव समाप्त हो जाएगा।

क्षेत्रीय देशों के लिए संदेश

मुज्तबा खामेनेई ने यह भी कहा कि फारस की खाड़ी और ओमान सागर के आसपास के देश एक साझा भविष्य से जुड़े हैं, लेकिन हजारों किलोमीटर दूर से आने वाली बाहरी ताकतों के लिए इस क्षेत्र में कोई जगह नहीं है।

उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि ऐसे विदेशी तत्वों के लिए “यहां केवल पानी की गहराइयों में ही जगह है”, जिससे उनके बयान को बेहद आक्रामक माना जा रहा है।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ी हलचल

इस बयान के बाद मध्य पूर्व में तनाव की आशंका और बढ़ गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान का यह रुख अमेरिका और पश्चिमी देशों के साथ उसके संबंधों को और अधिक जटिल बना सकता है।

फिलहाल अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस बयान और ईरान की आगे की रणनीति पर नजर बनाए हुए है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *