दिल्ली नगर निगम यानी MCD ने राजधानी के प्रॉपर्टी मालिकों को बड़ी राहत दी है। वित्त वर्ष 2026-27 का प्रॉपर्टी टैक्स एकमुश्त जमा करने पर मिलने वाली 10 प्रतिशत की छूट की अंतिम तारीख एक महीने के लिए बढ़ा दी गई है। अब टैक्सपेयर 31 जुलाई 2026 तक अपना प्रॉपर्टी टैक्स जमा करके इस छूट का लाभ उठा सकेंगे। पहले यह सुविधा केवल 30 जून तक उपलब्ध थी।
दिल्ली के मेयर प्रवेश वाही ने मंगलवार को समयसीमा बढ़ाने की घोषणा की। उन्होंने बताया कि कई संपत्ति मालिक विभिन्न कारणों से निर्धारित समय के भीतर टैक्स जमा नहीं कर पाए थे। ऐसे लोगों को एक और मौका देने और प्रॉपर्टी टैक्स भुगतान की प्रक्रिया को सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से अंतिम तारीख बढ़ाई गई है। प्रवेश वाही अप्रैल 2026 में दिल्ली के नए मेयर चुने गए थे।
दोबारा समयसीमा बढ़ने की संभावना कम
मेयर ने दिल्ली के सभी प्रॉपर्टी मालिकों से संशोधित समयसीमा के अंदर टैक्स जमा करने की अपील की है। उन्होंने संकेत दिया कि 31 जुलाई के बाद समयसीमा को दोबारा बढ़ाए जाने की संभावना बेहद कम है। इसलिए जिन लोगों ने अभी तक प्रॉपर्टी टैक्स का भुगतान नहीं किया है, उन्हें अंतिम दिनों की भीड़ से बचने के लिए जल्द प्रक्रिया पूरी करने की सलाह दी गई है।
एकमुश्त भुगतान करने पर टैक्सपेयर को कुल प्रॉपर्टी टैक्स पर 10 प्रतिशत की एडवांस पेमेंट छूट दी जाती है। MCD के आधिकारिक प्रॉपर्टी टैक्स पोर्टल के अनुसार, टैक्स भुगतान के लिए प्रत्येक संपत्ति का 15 अंकों वाला यूनिक प्रॉपर्टी आइडेंटिफिकेशन कोड यानी UPIC होना जरूरी है। जिन संपत्तियों के पास UPIC नहीं है, उनके मालिकों को पहले नए UPIC के लिए आवेदन करना होगा।
बिजली उपभोक्ता खाता नंबर देना अनिवार्य
MCD ने इस वर्ष प्रॉपर्टी टैक्स रिटर्न दाखिल करते समय बिजली मीटर का उपभोक्ता खाता नंबर देना भी अनिवार्य कर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि इससे यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि कहीं व्यावसायिक इस्तेमाल वाली संपत्तियों का टैक्स आवासीय संपत्ति की दरों पर तो नहीं भरा जा रहा।
हालांकि, इस नए नियम के कारण किराये पर दी गई संपत्तियों और किसी प्रतिनिधि के माध्यम से टैक्स जमा कराने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे टैक्सपेयरों के पास बिजली बिल या उपभोक्ता नंबर तुरंत उपलब्ध नहीं होता।
पोर्टल पर तकनीकी समस्याओं की शिकायत
अंतिम तारीख से पहले कई टैक्सपेयरों ने MCD के ऑनलाइन पोर्टल के धीमे चलने और भुगतान पूरा न होने की शिकायत की थी। अधिकारियों ने इसके पीछे अंतिम दिनों में वेबसाइट पर आने वाले भारी ट्रैफिक को प्रमुख कारण बताया। लोगों को भुगतान के दौरान टैक्स विवरण तैयार करने, रिकॉर्ड अपडेट करने और ट्रांजैक्शन पूरा करने में दिक्कतें आईं।
टैक्स कलेक्शन में 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी
MCD के अनुसार, 30 जून की शाम तक एडवांस प्रॉपर्टी टैक्स के रूप में लगभग 1,260 करोड़ रुपये जमा हुए। पिछले साल इसी अवधि तक करीब 1,040 करोड़ रुपये का कलेक्शन हुआ था। इस तरह नगर निगम के एडवांस प्रॉपर्टी टैक्स कलेक्शन में सालाना आधार पर करीब 20 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।
नगर निगम को उम्मीद है कि समयसीमा बढ़ने से अधिक संपत्ति मालिक टैक्स जमा करेंगे और राजस्व में अतिरिक्त बढ़ोतरी होगी। इस धन का इस्तेमाल सफाई, स्वास्थ्य सेवाओं, सड़कों, सार्वजनिक सुविधाओं और अन्य नागरिक सेवाओं पर किया जाता है।

