स्टैंडअप कॉमेडियन प्रणीत मोरे इन दिनों अपने एक वायरल वीडियो को लेकर विवादों में घिरे हुए हैं। सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ लगातार आलोचना देखने को मिल रही है। अब इस मामले में कॉमेडी जगत के एक और बड़े नाम मुन्नवर फारुकी ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। मुन्नवर ने बिना सीधे नाम लिए प्रणीत मोरे के कंटेंट पर सवाल उठाए और कहा कि कुछ चीजों को कॉमेडी के नाम पर पेश करना सही नहीं है।
मुन्नवर फारुकी ने सोशल मीडिया पर कई पोस्ट शेयर करते हुए इस विवाद पर अपनी राय रखी। उन्होंने एक पोस्ट में तंज करते हुए लिखा, “मैंने गूगल पर देखा, सबसे महंगी बिरयानी?” इसके बाद उन्होंने लिखा, “नतीजा- कृपया प्रणीत मोरे से पूछें।” उनका यह पोस्ट वायरल हो गया और लोगों ने इसे प्रणीत मोरे से जुड़े विवाद से जोड़कर देखा।
दरअसल, यह पूरा मामला एक वायरल क्राउडवर्क क्लिप से शुरू हुआ था। इस वीडियो में प्रणीत मोरे के शो के दौरान एक दर्शक ने डेट पर 370 रुपये की चिकन बिरयानी खर्च करने की बात कही थी। इसके बाद बातचीत में कुछ ऐसे बयान दिए गए, जिन पर सोशल मीडिया यूजर्स ने आपत्ति जताई। लोगों ने इसे महिलाओं और सहमति जैसे संवेदनशील मुद्दों से जोड़ते हुए आलोचना शुरू कर दी।
विवाद बढ़ने के बाद मुन्नवर फारुकी ने क्राउडवर्क कॉमेडी पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कुछ कॉमेडियन अपने कंटेंट को सार्वजनिक करने से पहले कानूनी सलाह ले सकते हैं। मुन्नवर के इस बयान को उन कलाकारों पर निशाना माना गया जो खुद के लिखे हुए जोक्स के बजाय दर्शकों की बातचीत पर ज्यादा निर्भर रहते हैं।
मुन्नवर की एक और पोस्ट ने भी काफी चर्चा बटोरी, जिसे बाद में हटा दिया गया। इसमें उन्होंने लिखा था कि इस तरह के मामले का बचाव किसी कॉमेडी स्पेशल में करना भी मुश्किल होगा। कई लोगों ने इसे दूसरे कॉमेडियनों पर अप्रत्यक्ष टिप्पणी के तौर पर देखा।
इस विवाद में एक और क्लिप सामने आने के बाद मामला और गंभीर हो गया। इसके बाद प्रणीत मोरे और संबंधित लोगों की आलोचना बढ़ गई। हालांकि, प्रणीत मोरे और डॉ. सेजल पवार की ओर से माफी भी मांगी गई, लेकिन सोशल मीडिया पर बहस जारी रही।
रिपोर्ट्स के अनुसार, विवाद के बाद प्रणीत मोरे ने अपना इंस्टाग्राम अकाउंट कुछ समय के लिए डीएक्टिवेट कर दिया। वहीं महाराष्ट्र साइबर सेल ने भी मामले में जांच शुरू की और इससे जुड़े कुछ लोगों के खिलाफ कार्रवाई की बात सामने आई।
स्टैंडअप कॉमेडी में अभिव्यक्ति की आजादी और जिम्मेदारी को लेकर यह विवाद एक नई बहस छेड़ चुका है। जहां कुछ लोग कॉमेडी में स्वतंत्रता की बात कर रहे हैं, वहीं कई लोग मानते हैं कि सार्वजनिक मंचों पर कलाकारों को संवेदनशील मुद्दों पर अधिक जिम्मेदारी से पेश आना चाहिए।

