देशभर में बढ़ती गर्मी, उमस और बदलते मौसम का असर लोगों की सेहत पर साफ दिखाई दे रहा है। विशेष रूप से हृदय रोगियों के लिए यह मौसम चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार पिछले दो महीनों में हार्ट अटैक के मामलों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। ऐसे में योग गुरु Baba Ramdev ने दिल को स्वस्थ और मजबूत बनाए रखने के लिए नियमित व्यायाम, संतुलित आहार और बेहतर जीवनशैली अपनाने की सलाह दी है।
बढ़ते तापमान से दिल पर बढ़ रहा दबाव
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि अत्यधिक गर्मी और बारिश के बाद बढ़ी उमस के कारण शरीर थर्मल स्ट्रेस का शिकार हो रहा है। जब तापमान बढ़ता है तो शरीर का कूलिंग सिस्टम सक्रिय हो जाता है और अधिक पसीना निकलता है। इससे शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी हो सकती है।
शरीर में तरल पदार्थों की कमी होने पर रक्त का प्रवाह प्रभावित होता है, जिससे हृदय को अधिक मेहनत करनी पड़ती है। यही कारण है कि गर्मी के मौसम में हार्ट अटैक और अन्य हृदय संबंधी समस्याओं का जोखिम बढ़ जाता है।
रिपोर्टों के अनुसार, पिछले 60 दिनों में हृदय रोगियों की संख्या में लगभग 30 प्रतिशत तक वृद्धि दर्ज की गई है। डॉक्टरों का मानना है कि हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज और हार्ट ब्लॉकेज से पीड़ित लोगों पर इसका सबसे अधिक असर पड़ रहा है।
देश में तेजी से बढ़ रही हैं हृदय संबंधी बीमारियां
विशेषज्ञों के अनुसार भारत में हृदय रोग अब मृत्यु के प्रमुख कारणों में शामिल हो चुके हैं। पहले जहां हार्ट अटैक को बढ़ती उम्र की समस्या माना जाता था, वहीं अब 40 वर्ष या उससे कम आयु के लोगों में भी कार्डियक अरेस्ट के मामले सामने आ रहे हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि तनाव, धूम्रपान, मोटापा, उच्च कोलेस्ट्रॉल, अनियमित जीवनशैली, नींद की कमी और डायबिटीज जैसी समस्याएं हृदय रोगों के जोखिम को कई गुना बढ़ा देती हैं।
रोजाना व्यायाम है सबसे प्रभावी उपाय
Baba Ramdev का कहना है कि यदि व्यक्ति अपने दिल को लंबे समय तक स्वस्थ रखना चाहता है तो नियमित व्यायाम को जीवन का हिस्सा बनाना जरूरी है। उनके अनुसार एरोबिक्स, योग, जुम्बा, तेज चलना और अन्य कार्डियो एक्सरसाइज हृदय की कार्यक्षमता को बेहतर बनाने में मदद करती हैं।
अध्ययनों में भी पाया गया है कि नियमित व्यायाम से हृदय की मांसपेशियां मजबूत होती हैं, रक्त संचार बेहतर होता है और हृदय रोगों का खतरा कम होता है। लगातार शारीरिक गतिविधि करने वाले लोगों में हार्ट अटैक का जोखिम अपेक्षाकृत कम देखा गया है।
पर्याप्त पानी और अच्छी नींद भी जरूरी
विशेषज्ञों के अनुसार गर्मी के मौसम में शरीर को हाइड्रेट रखना बेहद महत्वपूर्ण है। पर्याप्त मात्रा में पानी पीने से शरीर का तापमान नियंत्रित रहता है और हृदय पर अतिरिक्त दबाव नहीं पड़ता।
इसके अलावा तनाव कम करना, समय पर भोजन करना और रोजाना 6 से 8 घंटे की गुणवत्तापूर्ण नींद लेना भी हृदय स्वास्थ्य के लिए आवश्यक माना जाता है। लगातार तनाव और नींद की कमी हृदय रोगों का खतरा बढ़ा सकती है।
खानपान में करें सुधार
हृदय को स्वस्थ रखने के लिए संतुलित और पौष्टिक आहार की भी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। विशेषज्ञों का मानना है कि प्लांट-बेस्ड और शाकाहारी भोजन खराब कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने में मदद कर सकता है। वहीं जंक फूड, अधिक तेल, नमक और चीनी वाले खाद्य पदार्थों से दूरी बनाना फायदेमंद माना जाता है।
निष्कर्ष
बढ़ती गर्मी और उमस के बीच हृदय स्वास्थ्य को लेकर सतर्क रहना बेहद जरूरी हो गया है। नियमित व्यायाम, संतुलित आहार, पर्याप्त पानी, अच्छी नींद और तनावमुक्त जीवनशैली अपनाकर हृदय संबंधी बीमारियों के जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि समय रहते छोटी-छोटी सावधानियां अपनाने से दिल को लंबे समय तक स्वस्थ और मजबूत रखा जा सकता है।

