4 Aug 2026, Tue

डिलीवरी के बाद जल्दी रिकवरी और ब्रेस्ट मिल्क बढ़ाने में मदद करे सकते हैं ये सुपरफूड्स

डिलीवरी के बाद का समय हर नई मां के लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है। इस दौरान शरीर को रिकवरी, हार्मोनल बदलाव और ब्रेस्टफीडिंग जैसी कई शारीरिक और मानसिक चुनौतियों से गुजरना पड़ता है। इसलिए इस समय सही पोषण, पर्याप्त पानी, आराम और संतुलित जीवनशैली की भूमिका बहुत अहम होती है। विशेषज्ञों का मानना है कि पौष्टिक आहार न केवल मां की रिकवरी को तेज करने में मदद करता है, बल्कि ब्रेस्ट मिल्क के उत्पादन और उसकी गुणवत्ता को भी बेहतर बनाने में सहायक हो सकता है।

स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञों के अनुसार, ब्रेस्टफीडिंग कराने वाली महिलाओं को प्रोटीन, आयरन, कैल्शियम, हेल्दी फैट, फाइबर और पर्याप्त कैलोरी की जरूरत होती है। कुछ खाद्य पदार्थ ऐसे हैं जिन्हें पारंपरिक रूप से ब्रेस्ट मिल्क बढ़ाने वाले फूड्स के रूप में भी जाना जाता है। हालांकि किसी एक खाद्य पदार्थ को चमत्कारी उपाय नहीं माना जा सकता, लेकिन संतुलित डाइट में इन्हें शामिल करना लाभदायक हो सकता है।

ओट्स

ओट्स को नई मांओं के लिए एक बेहतरीन विकल्प माना जाता है। इसमें आयरन, फाइबर और कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट भरपूर मात्रा में होते हैं। आयरन डिलीवरी के बाद होने वाली कमजोरी और एनीमिया से उबरने में मदद करता है, जबकि फाइबर पाचन तंत्र को स्वस्थ रखने में सहायक होता है। कई विशेषज्ञ मानते हैं कि ओट्स हार्मोनल संतुलन और ब्रेस्ट मिल्क के उत्पादन को अप्रत्यक्ष रूप से सपोर्ट कर सकता है।

हरी पत्तेदार सब्जियां

पालक, मेथी, सरसों और अन्य हरी पत्तेदार सब्जियां कैल्शियम, आयरन, फोलेट और विटामिन्स का अच्छा स्रोत हैं। ये शरीर में पोषक तत्वों की कमी पूरी करने, ऊर्जा बनाए रखने और समग्र स्वास्थ्य सुधारने में मदद करती हैं। मेथी को पारंपरिक रूप से दूध बढ़ाने वाले खाद्य पदार्थों में शामिल किया जाता है, हालांकि इसका सेवन संतुलित मात्रा में ही करना चाहिए।

मेवे और बीज

बादाम, अखरोट, चिया सीड्स, अलसी (फ्लैक्स सीड्स) और कद्दू के बीज हेल्दी फैट, प्रोटीन, विटामिन ई और ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर होते हैं। ये मां की ऊर्जा बढ़ाने, शरीर की रिकवरी में मदद करने और ब्रेस्ट मिल्क की पोषण गुणवत्ता को बेहतर बनाने में सहायक हो सकते हैं। ओमेगा-3 फैटी एसिड शिशु के मस्तिष्क और तंत्रिका तंत्र के विकास के लिए भी महत्वपूर्ण माना जाता है।

दालें और प्रोटीन युक्त भोजन

मूंग दाल, मसूर दाल, चना, राजमा, पनीर, अंडा और अन्य प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थ शरीर के ऊतकों की मरम्मत और रिकवरी के लिए जरूरी होते हैं। डिलीवरी के बाद पर्याप्त प्रोटीन का सेवन मां की ताकत लौटाने और मांसपेशियों की रिकवरी में मदद करता है।

पर्याप्त पानी पीना भी जरूरी

ब्रेस्टफीडिंग के दौरान शरीर से तरल पदार्थ की जरूरत बढ़ जाती है। इसलिए पर्याप्त मात्रा में पानी, नारियल पानी, सूप और अन्य हेल्दी तरल पदार्थों का सेवन करना चाहिए। डिहाइड्रेशन से थकान बढ़ सकती है और दूध पिलाने में असुविधा महसूस हो सकती है।

केवल डाइट नहीं, आराम भी जरूरी

विशेषज्ञों के अनुसार, अच्छी डाइट के साथ पर्याप्त नींद, तनाव कम करना और परिवार का सहयोग भी ब्रेस्टफीडिंग को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यदि दूध कम बनने, अत्यधिक कमजोरी, वजन तेजी से घटने या अन्य स्वास्थ्य समस्याओं की शिकायत हो, तो डॉक्टर या स्तनपान सलाहकार से संपर्क करना चाहिए।

सही पोषण और संतुलित जीवनशैली नई मां की रिकवरी को बेहतर बनाने के साथ-साथ ब्रेस्टफीडिंग के अनुभव को भी अधिक सहज और स्वस्थ बना सकते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *