Noida International Airport से यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए यूजर डेवलपमेंट फीस (UDF) तय कर दी गई है। एयरपोर्ट टैरिफ रेगुलेटर Airports Economic Regulatory Authority यानी AERA ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए नई दरों को मंजूरी दी है। इसके तहत नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से प्रस्थान करने वाले घरेलू यात्रियों को 490 रुपये और अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को 980 रुपये UDF के रूप में चुकाने होंगे। वहीं एयरपोर्ट पर आने वाले घरेलू यात्रियों के लिए यह शुल्क 210 रुपये और अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए 420 रुपये निर्धारित किया गया है।
AERA ने एक आधिकारिक रिलीज में बताया कि एयरपोर्ट ऑपरेटर Yamuna International Airport Private Limited (YIAPL) ने घरेलू यात्रियों के लिए 653 रुपये UDF का प्रस्ताव रखा था, लेकिन नियामक संस्था ने इसे घटाकर 490 रुपये तय किया। इसी तरह अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए कंपनी ने 1,200 रुपये शुल्क की मांग की थी, जिसे AERA ने कम करके 980 रुपये मंजूर किया है।
रेगुलेटर ने कहा कि ये दरें अगस्त 2025 में जारी एड-हॉक टैरिफ आदेश के अनुरूप ही रखी गई हैं। साथ ही पहली कंट्रोल अवधि 2026 से 2031 तक के लिए टैरिफ स्ट्रक्चर को भी मंजूरी दे दी गई है। इस दौरान घरेलू और अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए UDF में धीरे-धीरे बदलाव किए जाएंगे।
गौरतलब है कि Narendra Modi ने 28 मार्च को Noida International Airport का उद्घाटन किया था। यह एयरपोर्ट 15 जून से अपना कमर्शियल संचालन शुरू करने जा रहा है। एयरपोर्ट के शुरू होने से दिल्ली-एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के यात्रियों को बड़ी सुविधा मिलने की उम्मीद है। साथ ही इससे क्षेत्र में निवेश, व्यापार और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का संचालन Yamuna International Airport Private Limited द्वारा किया जाएगा, जो Zurich Airport International AG की सहायक कंपनी है। यह परियोजना पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल के तहत विकसित की गई है। सरकार और एयरपोर्ट प्रबंधन का दावा है कि यह एयरपोर्ट आधुनिक तकनीक और विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस होगा।
AERA ने यह भी स्पष्ट किया कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए तय की गई UDF दरें देश के बड़े एयरपोर्ट्स पर लागू औसत शुल्क के बराबर हैं। साथ ही ये गैर-मेट्रो और छोटे एयरपोर्ट्स पर लिए जा रहे शुल्क की सीमा के भीतर भी हैं। नियामक संस्था का मानना है कि इससे यात्रियों पर अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा और एयरपोर्ट के विकास कार्यों के लिए आवश्यक फंड भी जुटाया जा सकेगा।
इसके अलावा शुरुआती वर्षों में एयरलाइंस को नए रूट शुरू करने और उड़ानों की संख्या बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करने के मकसद से AERA ने एयरपोर्ट के लिए वेरिएबल टैरिफ प्लान (VTP) की अनुमति भी दी है। इससे एयरलाइंस को परिचालन लागत में कुछ राहत मिल सकती है और भविष्य में यात्रियों को अधिक कनेक्टिविटी का फायदा मिलेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट शुरू होने के बाद दिल्ली एयरपोर्ट पर दबाव कम होगा और उत्तर भारत में हवाई यात्रा का नेटवर्क और मजबूत होगा। अब यात्रियों की नजर 15 जून से शुरू होने वाली इसकी पहली कमर्शियल उड़ानों पर टिकी हुई है।

