तमिलनाडु के डेयरी किसानों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने दूध की खरीद कीमत में एक बार फिर बढ़ोतरी करने का फैसला लिया है। खास बात यह है कि महज 12 दिनों के भीतर दूध की खरीद कीमत में दूसरी बार इजाफा किया गया है। ताजा बढ़ोतरी के बाद अब किसानों को एक लीटर दूध के लिए 44 रुपये मिलेंगे। सरकार के इस फैसले से राज्य के हजारों पशुपालकों और डेयरी किसानों की आमदनी बढ़ने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री ने सोमवार को दूध की खरीद कीमत में 3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी का ऐलान किया। इससे पहले 19 अगस्त को भी खरीद कीमत में 3 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि की गई थी। यानी 12 दिनों के अंदर किसानों को मिलने वाली कीमत में कुल 6 रुपये प्रति लीटर का इजाफा हुआ है।
38 रुपये से बढ़कर 44 रुपये हुई कीमत
नई बढ़ोतरी से पहले तमिलनाडु में किसानों को एक लीटर दूध के लिए 41 रुपये मिल रहे थे। अब इसमें 3 रुपये की अतिरिक्त बढ़ोतरी के बाद कीमत 44 रुपये प्रति लीटर हो गई है। इससे पहले 18 अगस्त तक किसानों को एक लीटर दूध के लिए 38 रुपये मिलते थे।
इस तरह महज कुछ दिनों के अंतराल में किसानों को दूध की खरीद कीमत में कुल 6 रुपये प्रति लीटर का फायदा मिला है। सरकार के इस फैसले को पशुपालकों के लिए महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, क्योंकि दूध उत्पादन से जुड़े किसानों को चारा, पशुओं की देखभाल, दवाइयों और अन्य जरूरी सामान पर लगातार खर्च करना पड़ता है।
किसानों की बढ़ेगी आमदनी
दूध की खरीद कीमत बढ़ने से डेयरी किसानों की आय में सीधा इजाफा होगा। खासतौर पर छोटे और मध्यम पशुपालकों को इसका फायदा मिलने की उम्मीद है। जिन किसानों की रोजाना दूध बिक्री अधिक है, उनके लिए प्रति लीटर बढ़ी कीमत महीने की कुल आमदनी में अच्छी-खासी बढ़ोतरी कर सकती है।
सरकार के मुताबिक, इस फैसले से राज्य के खजाने पर हर साल करीब 720 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ेगा। इसके बावजूद किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने और डेयरी क्षेत्र को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से यह फैसला लिया गया है।
पशुपालन की बढ़ती लागत को देखते हुए फैसला
पशुपालकों के लिए पिछले कुछ समय में पशुओं के चारे, रखरखाव और इलाज से जुड़े खर्च बढ़े हैं। ऐसे में दूध की खरीद कीमत में बढ़ोतरी किसानों के लिए राहत लेकर आई है। कीमत बढ़ने से उन्हें उत्पादन लागत निकालने में मदद मिलेगी और डेयरी व्यवसाय को जारी रखने के लिए बेहतर आर्थिक आधार मिल सकता है।
सरकार का यह कदम ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में भी अहम माना जा रहा है। दूध उत्पादन से बड़ी संख्या में परिवार सीधे या अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े हुए हैं। ऐसे में खरीद कीमत बढ़ने का असर किसानों की आय के साथ-साथ ग्रामीण बाजार की गतिविधियों पर भी पड़ सकता है।
राज्य में विकास से जुड़ी अन्य घोषणाएं भी
दूध की कीमत बढ़ाने के अलावा मुख्यमंत्री ने राज्य में विकास से जुड़ी कई अन्य घोषणाएं भी की हैं। कांचीपुरम जिले के मदुरामंगलम में सेमीकंडक्टर पार्क स्थापित करने की योजना की जानकारी दी गई है। इसके अलावा चेन्नई में बिजली से जुड़ी समस्याओं को कम करने के लिए भी बड़ी राशि खर्च करने की बात कही गई है।
फिलहाल दूध की खरीद कीमत में लगातार दूसरी बार हुई बढ़ोतरी से डेयरी किसानों में राहत की उम्मीद है। 44 रुपये प्रति लीटर की नई कीमत किसानों को बेहतर आय देने के साथ ही राज्य के डेयरी क्षेत्र को बढ़ावा देने में मदद कर सकती है।

