नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर सोमवार को सीजेपी के प्रदर्शन के दौरान स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई, जब प्रदर्शनकारियों की भीड़ संसद की ओर बढ़ने लगी। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा बलों को मोर्चा संभालना पड़ा। इसी दौरान रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) की असिस्टेंट कमांडेंट सोनिया सहरावत ड्यूटी निभाते हुए घायल हो गईं। प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के दौरान उनका हाथ टूट गया और उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया।
जानकारी के अनुसार, सोनिया सहरावत जंतर-मंतर पर RAF टीम की अगुवाई कर रही थीं। प्रदर्शन के दौरान उन्होंने अपनी टीम के साथ हालात को शांतिपूर्ण बनाए रखने की पूरी कोशिश की। हालांकि, भीड़ के उग्र होने और भगदड़ जैसी स्थिति बनने के दौरान वह गंभीर रूप से घायल हो गईं। इलाज के बाद वह दिल्ली से बाहर चली गई हैं और फिलहाल वर्दी पहनने की स्थिति में भी नहीं हैं।
प्रदर्शन के दौरान बढ़ा तनाव
मौके पर मौजूद अधिकारियों के अनुसार, प्रदर्शन में बड़ी संख्या में छात्र और अन्य लोग शामिल थे। सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि भीड़ में कुछ असामाजिक तत्व भी मौजूद थे, जिन्होंने माहौल बिगाड़ने की कोशिश की। आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान सुरक्षाकर्मियों पर जूते-चप्पल फेंके गए और बीयर की बोतलें भी तोड़ी गईं। इस घटना में कुल आठ लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है।
महिला प्रदर्शनकारी की बचाई जान
घटना के दौरान भगदड़ मचने पर एक महिला प्रदर्शनकारी गिर गई थी। बताया गया कि असिस्टेंट कमांडेंट सोनिया सहरावत ने तुरंत उसे सुरक्षित बाहर निकालने में मदद की। महिला की जान बचाने के प्रयास में वह खुद घायल हो गईं। इस घटना ने उनकी ड्यूटी के प्रति समर्पण और साहस को भी उजागर किया।
सोनिया सहरावत ने सुनाई पूरी आपबीती
इंडिया टीवी से फोन पर बातचीत में सोनिया सहरावत ने बताया कि उनकी प्राथमिकता पूरे प्रदर्शन को शांतिपूर्ण बनाए रखना थी। उन्होंने कहा कि RAF ने शुरुआत में किसी भी प्रकार के आंसू गैस के गोले या बल प्रयोग का इस्तेमाल नहीं किया और प्रदर्शन को जंतर-मंतर तक सीमित रखने की कोशिश की।
उन्होंने बताया, “मैं अपनी RAF टीम के साथ जंतर-मंतर पर तैनात थी। प्रदर्शन में कई छात्र भी शामिल थे, लेकिन कुछ लोग ऐसे भी थे जो जानबूझकर माहौल खराब करना चाहते थे। मैंने बार-बार सभी से शांति बनाए रखने की अपील की और स्पष्ट कहा कि जब तक पुलिस को उकसाया नहीं जाएगा, तब तक लाठीचार्ज नहीं किया जाएगा।”
सोनिया ने आगे कहा कि उन्होंने प्रदर्शनकारियों से आग्रह किया था कि वे अपनी बात शांतिपूर्वक रखें, लेकिन संसद की ओर जाने की अनुमति नहीं दी जा सकती। उन्होंने कहा कि कुछ लोग शांतिपूर्ण तरीके से नारे लगा रहे थे, जबकि कुछ लोग उकसाने वाली गतिविधियों में शामिल थे। इसके बावजूद RAF के जवानों ने संयम बनाए रखा और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया।
कानून-व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती
जंतर-मंतर पर हुई इस घटना ने एक बार फिर बड़े प्रदर्शनों के दौरान सुरक्षा बलों के सामने आने वाली चुनौतियों को उजागर किया है। अधिकारियों का कहना है कि भीड़ को नियंत्रित करना और साथ ही आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना बेहद कठिन जिम्मेदारी होती है। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है और घटना से जुड़े सभी पहलुओं की समीक्षा की जा रही है।

