कोच्चि: कोच्चि से अबू धाबी जा रही एयर इंडिया एक्सप्रेस की एक फ्लाइट को उड़ान के दौरान तकनीकी परेशानी के कारण वापस कोच्चि लौटना पड़ा। विमान के एक इंजन में तेल का स्तर अचानक तेजी से कम होने लगा था। स्थिति को देखते हुए पायलट और क्रू ने एहतियाती कदम उठाते हुए विमान को उसके मूल एयरपोर्ट पर वापस लाने का फैसला किया। विमान की कोच्चि इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर सुरक्षित लैंडिंग कराई गई।
मिली जानकारी के अनुसार, घटना सोमवार की है। फ्लाइट कोच्चि से अबू धाबी के लिए रवाना हुई थी। उड़ान भरने के करीब 50 मिनट बाद क्रू को इंजन नंबर-1 में तेल की मात्रा तेजी से घटने का पता चला। उस समय विमान करीब 36 हजार फीट की ऊंचाई पर उड़ रहा था।
इंजन का तेल तेजी से कम होने पर बढ़ी चिंता
उड़ान के दौरान पायलट और को-पायलट ने इंजन के ऑयल लेवल में असामान्य कमी को नोटिस किया। तेल का स्तर लगातार नीचे जा रहा था और बाद में ऑयल प्रेशर भी चिंताजनक स्तर तक पहुंचने लगा।
स्थिति को देखते हुए क्रू ने जोखिम लेने के बजाय संबंधित इंजन को बंद करने का निर्णय लिया। इसके बाद विमान को सुरक्षित तरीके से वापस कोच्चि लाने की प्रक्रिया शुरू की गई।
अबू धाबी जाने का फैसला बदला
विमान में मौजूद क्रू ने स्थिति का आकलन करने के लिए आपात परिस्थितियों में इस्तेमाल होने वाली एक संरचित निर्णय प्रक्रिया का सहारा लिया। इसमें संभावित जोखिम, उपलब्ध विकल्प और यात्रियों की सुरक्षा जैसे पहलुओं पर विचार किया जाता है।
आकलन के बाद क्रू ने अबू धाबी तक उड़ान जारी रखने के बजाय कोच्चि वापस लौटने का फैसला किया। विमान को सुरक्षित रूप से कोच्चि एयरपोर्ट पर उतार लिया गया। इस दौरान किसी बड़े नुकसान या यात्री के घायल होने की जानकारी सामने नहीं आई है।
बताया गया है कि यह विमान बोइंग 737 था और इसकी उड़ान संख्या IX 415 थी। घटना के बाद विमान की तकनीकी जांच किए जाने की संभावना है, ताकि इंजन में तेल तेजी से कम होने की वजह का पता लगाया जा सके।
यात्रियों की सुरक्षा को दी गई प्राथमिकता
विमानन क्षेत्र में उड़ान के दौरान इंजन से जुड़ी किसी भी असामान्य स्थिति को गंभीरता से लिया जाता है। खास तौर पर जब किसी इंजन में ऑयल लेवल या प्रेशर सामान्य से तेजी से बदलने लगे, तो पायलट के लिए समय रहते उचित निर्णय लेना जरूरी होता है।
इस मामले में भी क्रू ने स्थिति को नजरअंदाज करने के बजाय विमान को वापस लाने का फैसला किया। इंजन को बंद करने के बाद विमान को सुरक्षित रूप से एयरपोर्ट पर उतारना यात्रियों और चालक दल की सुरक्षा के लिहाज से अहम कदम रहा।
फिलहाल इस तकनीकी समस्या की विस्तृत वजह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। विमान के दोबारा संचालन से पहले उसकी तकनीकी स्थिति की जांच की जाएगी। घटना ने एक बार फिर यह दिखाया कि उड़ान के दौरान किसी भी तकनीकी गड़बड़ी की स्थिति में पायलट और क्रू का समय पर लिया गया फैसला कितना महत्वपूर्ण होता है।

