2 May 2026, Sat

‘कागजी शेर हैं अमेरिकी ठिकाने, खुद को भी नहीं बचा सकते’, मोजतबा खामेनेई का बड़ा बयान

ईरान के सुप्रीम लीडर का अमेरिका पर तीखा हमला, मध्य पूर्व में बढ़ा तनाव

तेहरान से सामने आए ताजा बयान में Mojtaba Khamenei ने अमेरिका पर कड़ा हमला बोला है। उन्होंने पश्चिम एशिया में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को ‘कागज़ी शेर’ बताते हुए उनकी क्षमता पर सवाल उठाए हैं। यह बयान ऐसे समय में आया है जब Iran, United States और Israel के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है।

अमेरिकी ठिकानों पर उठाए सवाल

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर दिए गए बयान में खामेनेई ने कहा कि अमेरिका के सैन्य ठिकाने खुद की सुरक्षा करने में सक्षम नहीं हैं, ऐसे में वे क्षेत्रीय स्थिरता कैसे सुनिश्चित कर सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका के सहयोगी देशों को इन ठिकानों से कोई वास्तविक सुरक्षा नहीं मिल सकती।

उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब क्षेत्र में सैन्य गतिविधियां बढ़ी हुई हैं और कई जगहों पर तनाव की स्थिति बनी हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के बयान कूटनीतिक तनाव को और बढ़ा सकते हैं।

फारस की खाड़ी को बताया पहचान

खामेनेई ने Persian Gulf को ईरान की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान का हिस्सा बताते हुए कहा कि यह केवल एक जल क्षेत्र नहीं, बल्कि क्षेत्रीय देशों को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने यह भी दावा किया कि आने वाले समय में यह इलाका विदेशी हस्तक्षेप से मुक्त हो जाएगा।

पर्शियन गल्फ डे के मौके पर दिए गए अपने संदेश में उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय देशों को मिलकर अपने भविष्य का निर्धारण करना चाहिए और बाहरी ताकतों को इसमें दखल नहीं देना चाहिए।

होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा पर दावा

ईरान के सुप्रीम लीडर ने Strait of Hormuz की सुरक्षा को लेकर भी बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि ईरान इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग की सुरक्षा सुनिश्चित करने में सक्षम है और किसी भी शत्रुतापूर्ण गतिविधि का मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा।

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे अहम तेल आपूर्ति मार्गों में से एक है, जहां से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है। ऐसे में इस क्षेत्र में किसी भी तरह की अस्थिरता का असर वैश्विक बाजारों पर पड़ सकता है।

कूटनीतिक प्रयास जारी

तनाव के बीच ईरान ने अमेरिका के साथ बातचीत की दिशा में एक नया प्रस्ताव भी भेजा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह प्रस्ताव पाकिस्तान के जरिए अमेरिका तक पहुंचाया गया है। हालांकि Donald Trump ने इस प्रस्ताव को लेकर सकारात्मक संकेत नहीं दिए हैं।

क्षेत्रीय स्थिरता पर सवाल

मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और इस तरह के तीखे बयानों ने क्षेत्रीय स्थिरता को लेकर चिंता बढ़ा दी है। जहां एक ओर कूटनीतिक बातचीत की कोशिशें जारी हैं, वहीं दूसरी ओर बयानबाजी से हालात और जटिल होते जा रहे हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर दोनों देशों के बीच संवाद मजबूत नहीं हुआ, तो इसका असर वैश्विक सुरक्षा और अर्थव्यवस्था दोनों पर पड़ सकता है।

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